भागीरथपुरा दूषित जल कांड, सत्तापक्ष मेज थपथपाता रहा, विपक्ष नारेबाजी करता रहा

भागीरथपुरा दूषित जल कांड, सत्तापक्ष मेज थपथपाता रहा, विपक्ष नारेबाजी करता रहा
– राज्यपाल का अभिभाषण सिर्फ कानों में लगे माईक तक पहुंचता रहा
आशीष शुक्ला, भोपाल। छटवीं विधानसभा के नौवें सत्र में आज राज्यपाल मंगूभाई पटेल के अभिभाषण १४वें मिनिट में विपक्ष ने स्वच्छ जल को लेकर हंगामा करना शुरू कर दिया। विपक्ष का कहना था कि राज्यपाल महोदय स्वच्छ जल की बात ही भूल गए। इंदौर के भगीरथपुरा का मामले की भी तो बात होनी थी। विपक्ष का हंगामा देख विपक्ष के माईक ही बंद कर दिए गए। राज्यपाल अपना अभिभाषण पढ़ते रहे। सत्ता पक्ष मेज बजाकर सरकार की योजनाओं की हौसला अफजाई करता रहा, विपक्ष नारे लगाता रहा। इस सबसे राज्यपाल का अभिभाषण जो कानों में माईक लगाए थे वो तक सुन रहे थे, बाकी शोरगुल में विधानसभा में राज्यपाल का अभिभाषण गुम हो गया था।
राज्यपाल ने अभिभाषण की शुरुआत करते हुए कहा कि देश ऐसी दहलीज पर खड़ा है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमृत काल की संज्ञा दी है। उन्होंने उद्योगों के अनुकूल वातावरण, भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश को 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य, 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाने, पीएम जनमन योजना के तहत 1.35 लाख आवास निर्माण, उज्जैन में शिप्रा नदी को प्रदूषण मुक्त करने और नई शिक्षा नीति के तहत किए गए कार्यों का उल्लेख किया। इसी दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बीच में हस्तक्षेप करते हुए आरोप लगाया कि नल-जल योजना और इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों का मुद्दा भाषण में शामिल नहीं किया गया। इसके बाद विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी। इसी वक्त विपक्ष के सदस्यों के माईक बंद कर दिए गए,लेकिन विपक्ष अपनी बात खड़े होकर कहता रहा। उधर दूसरी तरफ सत्तपक्ष राज्यपाल अपने अभिभाषण में सरकार की उपलब्धियां बता रहे थे, तब सत्ता पक्ष मेजें थपथपा रहे थे। विधानसभा का दृश्य ऐसा कि एक तरफ तेज थपथपाने की आवाज आ रही थी, वहीं दूसरी तरफ नारों की आवाज गूंज रही थी। यह सिलसिला राज्यपाल के अभिषभाषण तक जारी रहा। राज्यपाल के अभिभाषण के बाद दोबारा सदन चालू हुआ तब कांग्रेस के एक विधायक ने माईक चालू होते ही कहा कि वहां राहुल का माईक बंद कर देते हैं यहां हमारा कर देते हैं।

छह छंदों का वंदेमातरम् गायन हुआ
कार्यवाही के प्रारंभ में संपूर्ण छह छंदों में वंदे मातरम् का गायन हुआ। अभिषभाषण के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने जिसके बाद कार्यवाही अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दी गई।
राज्यपाल मंगु भाई पटेल ने अपने संबोधन में सरकार की विकास उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं से आए बदलावों का उल्लेख किया। साथ ही संकल्प पत्र 2023 में किए गए वादों पर अब तक हुए कार्य और आगामी लक्ष्यों की जानकारी भी दी। सदन में विभिन्न हस्तियों और नेताओं के निधन पर पक्ष-विपक्ष के सदस्यों द्वारा श्रद्धांजलि दी गई। इससे पहले विधानसभा पहुंचने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने राज्यपाल का स्वागत किया।
राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष का हंगामा
राज्यपाल के सदन से जाने के बाद कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, जहां विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि जो हिस्सा पढ़ा नहीं जा सका, उसे पढ़ा हुआ माना जाएगा। इसके बाद सदन की कार्यवाही अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दी गई।
6 मार्च तक चलेगा सत्र
सत्र 16 फरवरी से 6 मार्च तक चलेगा। पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण हुआ। सत्र के लिए कुल 3478 प्रश्नों की विधानसभा को सूचनाएं, 236 ध्यानाकर्षण, 10 स्थगन प्रस्ताव, 41 अशासकीय संकल्प पेश होंगे। शून्य काल में विधानसभा में 83 सवाल होंगे।







