भोपाल

यूरोप, अमेरिका और चीन के बाद अब भोपाल में स्थापित होगी औद्योगिक इकाई – 250 युवाओं को मिलेगा रोजगार, शासन को मिलेगा राजस्व

यूरोप, अमेरिका और चीन के बाद अब भोपाल में स्थापित होगी औद्योगिक इकाई
– 250 युवाओं को मिलेगा रोजगार, शासन को मिलेगा राजस्व
– टीडब्यूई-ओबीटी कंपनी सितंबर 2025 से उत्पादन शुरू कर देगी
आशीष दीक्षित, भोपाल। दुनिया की जानी मानी प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनी टीडब्यूई-ओबीटी 126 करोड़ रुपए की लागत से भोपाल के औद्योगिक क्षेत्र में अपना प्लांट लगाने जा रही है। ग्लोबल इंन्वेस्टर्स समिट में मिले 30.77 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों के बाद नए निवेशकों के लिए जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की थी। बिना बुना कारपेट, रग्स सहित अन्य उत्पाद की इंडस्स्ट्री लगाने के लिए करीब 38 हजार वर्गमीटर क्षेत्रफल की जमीन उपलब्ध कराई जा रही है। खास बात यह है टीडब्यूई-ओबीटी कंपनी सितंबर 2025 से उत्पादन शुरू कर देगी।
देश में पहली उत्पाद यूनिट
भोपाल के अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र में शुरू होने जा रही यूनिट पहली यूनिट है। उद्योग जगत के जानकारों का मानना है कि यह ग्रीन औद्योगिकरण के कीर्तिमान बनाएगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह कंपनी अंतर्राष्ट्रीय स्तर के बिना बुने फेब्रिक और अन्य उत्पाद बनाती है।
250 युवाओं को मिलेगा रोजगार
रोजगार की तलाश में जुटे 250 युवाओं को रोजगार मिलेगा। अत्याधुनिक बिल्डिंग संरचना टिकाऊ और यूएस एलईईडी प्रमाणित होगी। इस यूनिट में उत्पाद निर्माण से जल एवं वायु प्रदूषण नहीं होगा।
चीन से आयात होने वाले उत्पादों पर निर्भरता कम होगी
यूनिट के हाइजिन द्वारा उत्पादों के निर्माण से फ्लोर कवरिंग, फ्लेट फ्लोर कवरिंग, डोमेस्टिक फेल्टस, ऑटोमोटिव फेल्टस, रेण्डम वेलर, एडीएल, टॉप शीट, बैकशीट, ट्रंकलाइनर्स, हेड लाइनर्स, कार्पेट बेकिंग, डेशबोर्डस, अकॉस्टिक इंसुलेशन का उत्पादन किया जाएगा। माना जा रहा है कि केंद्र सरकार के राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन (एनटीटीएम) और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएसएम) में काम आने वाले कई उत्पादों की आपूर्ति होगी।
जुर्मनी में मुख्यालय, सौ साल पुराना समूह
प्राप्त जानकारी के अनुसार कंपनी का मुख्यालय जुर्मनी में है और ओबीडी ग्रुप भारत में है। करीब सौ साल पुराना समूह है। भारत में हस्तनिर्मित कालीन, गैर-बुने हुए कपड़े और तकनीकी वस्त्र, फर्नीचर और चाय के निर्माण में क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान है।
सात औद्योगिक क्षेत्रों के लिए हुए टेंडर
भोपाल के गोविंदपुरा, रायसेन व मंडीदीप में जमीन की कमी होने के बाद अचारपुरा में जमीन की तलाश की जा जा रही है। नए नए औद्योगिक संस्थान को आमंत्रित किया जा रहा है। हाल ही में औद्योगिक क्षेत्र के लिए टेंडर हुए हैं।
फैक्ट फाइल
– 16 प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्रों में एक्सटेंशन क्षेत्र बनेगा
– 41.58 हेक्टेयर में ये क्षेत्र 32.29 करोड़ की लागत से विकसित
– 16 औद्योगिक क्षेत्र कुल 4161 करोड़ की लागत
– 3223 हेक्टेयर 7964 एकड़ में विकसित होंगे।
– 7 क्षेत्रों के टेंडर जारी करने की प्रक्रिया शुरू

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