अजवनिया हादसे के बाद प्रशासन सख्त, डंपर से मौत पर मालिक और कार्यदायी संस्था पर भी होगी फिर
कमिश्नर की दो टूक चेतावनी, डंपर हादसे में अब सीधे दर्ज होगा मुकदमा

अजवनिया हादसे के बाद प्रशासन सख्त, डंपर से मौत पर मालिक और कार्यदायी संस्था पर भी होगी फिर
कमिश्नर की दो टूक चेतावनी, डंपर हादसे में अब सीधे दर्ज होगा मुकदमा
गोरखपुर के अजवनिया गांव के पास हुए दर्दनाक सड़क हादसे के बाद प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने साफ चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि किसी डंपर से दुर्घटना में मौत होती है तो केवल चालक ही नहीं, बल्कि वाहन मालिक और संबंधित कार्यदायी संस्था के खिलाफ भी सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हाईवे मरम्मत कार्य के दौरान एक लेन को बिना पर्याप्त सूचना और सुरक्षा इंतजामों के बंद कर दिया गया था। दोनों दिशाओं के वाहनों को एक ही लेन से निकाला जा रहा था, लेकिन मौके पर न तो पर्याप्त चेतावनी संकेतक लगाए गए थे और न ही डायवर्जन संबंधी बोर्ड सही ढंग से लगाए गए थे। इसी लापरवाही के चलते दो ट्रकों की आमने-सामने भिड़ंत हो गई, जिसमें दो लोगों की जान चली गई।
हादसे के बाद मंडलायुक्त अनिल ढींगरा की अध्यक्षता में जिले में चल रहे निर्माण कार्यों, मिट्टी खनन और उसके सुरक्षित परिवहन को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सड़क सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने बैठक में कहा कि ओवरस्पीडिंग, बिना ढके मिट्टी परिवहन और यातायात नियमों की अनदेखी के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि रात के समय मिट्टी ढोने वाले डंपरों की विशेष जांच की जाए और जिन वाहनों के दस्तावेज वैध न हों उन्हें तत्काल सीज किया जाए।
वहीं रोडवेज विभाग को भी कड़े निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बसें केवल अधिकृत बस स्टैंड के भीतर ही खड़ी होंगी। यदि कोई बस स्टैंड के बाहर सवारी भरते हुए पाई गई तो चालक और परिचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने खनन विभाग को निर्देशित किया कि सभी पट्टा क्षेत्रों का स्वयं निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया जाए कि खनन निर्धारित सीमा के भीतर ही हो रहा है। उन्होंने अवैध खनन और परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश भी दिए।
डीआईजी एस चन्नप्पा ने कहा कि गांव छोड़कर बाहर रह रहे लोगों की जमीनों पर अवैध खनन की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। ऐसे मामलों की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाए।
बैठक में यह तथ्य भी सामने आया कि कई डंपर चालक टोल टैक्स बचाने के लिए गांवों के अंदरूनी रास्तों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस पर प्रशासन ने ऐसे मार्गों को चिन्हित कर वहां मजबूत बैरियर लगाने और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
अजवनिया हादसे के बाद प्रशासन का संदेश बिल्कुल साफ है—सड़क सुरक्षा, खनन और भारी वाहनों के संचालन में लापरवाही अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और नियम तोड़ने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।







