त्रि भाषा नीति लागू करने के सीबीएसई के फैसले का अभाविप ने किया स्वागत

त्रि भाषा नीति लागू करने के सीबीएसई के फैसले का अभाविप ने किया स्वागत
भोपाल यश भारत। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड सीबीएसई द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026 27 से कक्षा 9 में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप त्रि भाषा नीति लागू करने के निर्णय का स्वागत किया है। अभाविप ने इसे भारतीय भाषाओं के संरक्षण सांस्कृतिक विविधता को सशक्त बनाने और विकसित भारत 2047 के संकल्प को मजबूत करने वाला कदम बताया है। परिषद ने मांग की है कि तीनों भाषाओं में बोर्ड परीक्षाएं भी आयोजित की जाएं ताकि भाषाओं का अध्ययन केवल सीखने तक सीमित न रहे बल्कि मूल्यांकन प्रक्रिया से भी जुड़ सके। अभाविप के अनुसार नीति में कम से कम दो भारतीय भाषाओं को शामिल करने की अनिवार्यता विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और भाषाई विरासत से जोड़ने में सहायक होगी। परिषद ने सीबीएसई द्वारा संथाली मैथिली डोगरी और कोंकणी सहित 44 भाषाओं को विकल्प के रूप में शामिल किए जाने को सराहनीय बताया। अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि यह निर्णय शिक्षा के स्वदेशीकरण और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करेगा। वहीं मध्य भारत प्रांत मंत्री केतन चतुर्वेदी ने कहा कि त्रि भाषा नीति विद्यार्थियों में भारतीयता सांस्कृतिक समरसता और मातृभाषा के प्रति गर्व की भावना को सुदृढ़ करेगी।







