24 साल बाद अपनों से मिली भारती, 2002 की मतदाता सूची बनी अहम सुराग, पुलिस ने छह घंटे में खोज निकाला परिवार

ठाणे, यशभारत। बचपन में परिवार से बिछड़ी भारती अश्रू कदम को 24 साल बाद अपने भाई-बहनों से मिलाने में ठाणे पुलिस ने अहम भूमिका निभाई। आठ साल से अपनों की तलाश कर रही भारती को पुलिस ने महज छह घंटे में उनके परिवार से जोड़ दिया। वीडियो कॉल पर भाई-बहनों की आवाज सुनते ही भावनाओं का ज्वार उमड़ पड़ा। वर्ष 2002 में भारती बचपन में अपने मामा के घर नवी मुंबई गई थीं, जहां से वह परिवार से बिछड़ गईं। काफी तलाश के बाद भी परिजनों का पता नहीं चलने पर उन्हें बालगृह भेज दिया गया। बाद में उनका विवाह हुआ और नाम जान्हवी वैभव झांबरे हो गया। फिलहाल, वह सोलापुर में रहती हैं और उनके एक बेटा व एक बेटी हैं।
परिवार से मिलने की उम्मीद में भारती ने 8 अक्टूबर को ठाणे पुलिस के बाल संरक्षण कक्ष से संपर्क किया। पुलिस ने पुराने रिकॉर्ड खंगाले और वर्ष 2002 की मतदाता सूची से भाई का सुराग मिला। हाथ पर गुदे ‘भारती अश्रू कदम’ नाम ने भी पहचान में मदद की। आखिरकार वीडियो कॉल के जरिए परिवार से संपर्क हो गया।







