मध्य प्रदेश को करीब 90 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
मुंबई, यश भारत।

मुंबई, यश भारत। मध्य प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए मुंबई पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से संवाद किया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेशकों को सस्ती जमीन, बिजली, कुशल श्रमबल और बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के साथ कारोबार को आसान बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। मुंबई में हुई बैठकों के दौरान मध्य प्रदेश को करीब 90 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन प्रस्तावों से लगभग 14,377 रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में आयोजित वैश्विक निवेशक सम्मेलन में हुए समझौता ज्ञापनों में से 30 प्रतिशत से अधिक प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। इनमें 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों पर काम शुरू हो चुका है और कई परियोजनाओं में उत्पादन भी शुरू हो गया है।

उन्होंने बताया कि नवीन ऊर्जा क्षेत्र में एसीएमई ग्लोबल लगभग 46 हजार करोड़ रुपये का निवेश करने की तैयारी में है। वहीं, आईनॉक्स ने नवीन ऊर्जा क्षेत्र में 1,260 करोड़ रुपये, विनोसा इंडस्ट्री ने कपड़ा क्षेत्र में 3,000 करोड़ रुपये और फिफ्का फार्मा ने 1,080 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है। अन्य कंपनियों ने भी ऊर्जा, रसायन, औषधि, वस्त्र, अधोसंरचना, स्वास्थ्य, रियल एस्टेट तथा सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में निवेश प्रस्ताव दिए हैं।मुख्यमंत्री के अनुसार, विभिन्न कंपनियों के प्रस्तावों को मिलाकर करीब 50 हजार करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश से लगभग 15 हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में औषधि क्षेत्र में सन फार्मा सहित कई बड़ी कंपनियां पहले से निवेश कर रही हैं। सूचना प्रौद्योगिकी, डेटा सेंटर, रसायन, निर्माण और नवीन ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में भी निवेशकों की विशेष रुचि सामने आई है।

डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश की भौगोलिक स्थिति, भूमि की उपलब्धता, ऊर्जा संसाधन और निवेश-अनुकूल नीतियां उद्योगों के लिए नए अवसर पैदा कर रही हैं। उन्होंने मुंबई के उद्योगपतियों से मध्य प्रदेश से जुड़कर प्रदेश के औद्योगिक विकास में भागीदार बनने का आह्वान किया।मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के बीच सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों राज्यों के बीच नदी जोड़ो परियोजनाओं और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग के क्षेत्र में भी सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ मिलकर ताप्ती नदी से जुड़े प्रस्ताव को आगे बढ़ाया जा रहा है। साथ ही, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के साथ नदी जोड़ो से संबंधित परियोजनाओं पर भी काम चल रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्यों के बीच सहयोग और सौहार्द के माध्यम से प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सकता है। इससे देश की आर्थिक प्रगति को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत, महाराष्ट्र सरकार और केंद्र सरकार के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।






