60 दिन में आरोप पत्र पेश नहीं कर पाया डीआरआई, सराफा व्यवसायी को सीजेएम कोर्ट से मिली डिफॉल्ट बेल

कटनी, यशभारत। विदेशी मूल के सोने की जब्ती से जुड़े मामले में सराफा व्यवसायी अरुण कुमार गोयनका को न्यायालय से डिफॉल्ट बेल मिल गई। न्यायालय के समक्ष जब यह मामला आया, तब 60 दिन से अधिक समय बीतने के बावजूद आरोप-पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया था। सराफा व्यवसायी की ओर से इसी आधार पर जमानत की मांग की गई, जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया। मामला डीआरआई भोपाल द्वारा दर्ज अपराध क्रमांक 81/2026 से सत्र न्यायालय से संबंधित है। आरोपी के खिलाफ सीमा शुल्क अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई थी। आरोपी की ओर से अधिवक्ता ने जमानत का आवेदन पेश किया, जबकि डीआरआई की ओर से इसका विरोध किया गया। न्यायालय के आदेश के अनुसार अरुण गोयनका 2 अगस्त से न्यायिक अभिरक्षा में थे। 6 अक्टूबर तक 60 दिन से अधिक समय बीत चुका था, लेकिन अभियोजन की ओर से आरोप पत्र पेश नहीं किया गया। इसके बाद आरोपी की ओर से जमानत अर्जी पेश की गई। न्यायालय ने उपलब्ध अभिलेख और परिस्थितियों पर विचार करने के बाद जमानत आवेदन स्वीकार कर लिया। सीजेएम कोर्ट ने 20 हजार रुपए के व्यक्तिगत मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत प्रस्तुत करने पर रिहा करने के निर्देश दिए। अदालत ने आरोपी को नियमित रूप से न्यायालय में उपस्थित रहने तथा न्यायालय की अनुमति के बिना देश से बाहर नहीं जाने की शर्त लगाई है। इसके अलावा आरोपी को मामले से जुड़े किसी व्यक्ति को प्रभावित या धमकाने तथा साक्ष्यों से छेड़छाड़ नहीं करने के निर्देश भी दिए गए हैं।







