हमीदिया में इलाज से बड़ी मुसीबत बनी दवा: घंटों कतार में खड़े रहने को मजबूर मरीज

हमीदिया में इलाज से बड़ी मुसीबत बनी दवा: घंटों कतार में खड़े रहने को मजबूर मरीज
भोपाल, यशभारत। राजधानी के सबसे बड़े शासकीय हमीदिया अस्पताल में मरीजों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अस्पताल में डॉक्टरों को दिखाने के बाद दवाइयां लेने के लिए मरीजों और उनके परिजनों को घंटों लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है। अस्पताल की इस लचर और अव्यवस्थित दवा वितरण प्रणाली को लेकर मरीजों में भारी आक्रोश और नाराजगी देखने को मिल रही है। रोजाना लगने वाली इस भीड़ के कारण सबसे ज्यादा फजीहत बुजुर्ग, महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार मरीजों की हो रही है।
स्थानीय मरीजों और तीमारदारों का कहना है कि यह समस्या किसी एक दिन की नहीं, बल्कि रोजमर्रा की स्थिति बन चुकी है। इलाज के बाद दवाइयों के काउंटर पर पहुंचने पर घंटों इंतजार करना पड़ता है। काफी देर तक पैर सीधे रखकर खड़े रहने में असमर्थ बुजुर्ग और कमजोर मरीज बदहाल होकर बैठने को मजबूर हैं।
अस्पताल आए एक मरीज रमेश मीणा के परिजन राजू मीणा ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि पहले तो डॉक्टर के परामर्श और जांच के लिए कतारों में लगना पड़ता है, फिर दवा लेने के लिए अलग से पूरा दिन निकल जाता है। बीमारी से पहले ही परेशान चल रहे मरीजों के लिए यह इंतजार दोहरी मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना साबित हो रहा है। आक्रोशित मरीजों ने अस्पताल प्रबंधन से तत्काल दवा काउंटरों की संख्या बढ़ाने और व्यवस्था को सुचारु करने की मांग की है, ताकि दूर-दराज से आने वाले लोगों को राहत मिल सके।







