घड़ी मिला लीजिए, आज प्रकृति खुद करेगी टाइम-मैनेजमेंट 12 घंटे का दिन, करीब 12 घंटे की रात , 28 सितंबर को मध्य भारत में होगा इक्वीलक्स

घड़ी मिला लीजिए, आज प्रकृति खुद करेगी टाइम-मैनेजमेंट
12 घंटे का दिन, करीब 12 घंटे की रात 28 सितंबर को मध्य भारत में होगा इक्वीलक्स
भोपाल यश भारत। आमतौर पर 23 सितंबर के आसपास होने वाले शरद विषुव (इक्वीनॉक्स) को दिन और रात बराबर होने की घटना के रूप में देखा जाता है, लेकिन धरातल पर सूर्योदय से सूर्यास्त तक की अवधि ठीक 12 घंटे के करीब कुछ दिन बाद आती है। 28 सितंबर 2026 को मध्य भारत के कई हिस्सों में दिन और रात की अवधि लगभग बराबर होने जा रही है। इस स्थिति को खगोलीय विज्ञान में इक्वीलक्स कहा जाता है। मध्य प्रदेश के कई शहरों में इस दिन सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच का अंतर लगभग 12 घंटे रहेगा। नेशनल अवार्ड प्राप्त खगोल विज्ञान प्रसारक सारिका घारू के अनुसार लोगों के बीच अक्सर यह धारणा रहती है कि इक्वीनॉक्स वाले दिन ही दिन और रात की अवधि बिल्कुल बराबर होती है। जबकि खगोलीय दृष्टि से इक्वीनॉक्स और इक्वीलक्स दो अलग अलग घटनाएं हैं। इक्वीनॉक्स सूर्य की आकाशीय स्थिति से जुड़ी घटना है जबकि इक्वीलक्स किसी स्थान विशेष पर सूर्योदय से सूर्यास्त तक लगभग 12 घंटे की अवधि से संबंधित है।
क्या होता है इक्वीनॉक्स?
सारिका घारू ने बताया कि इक्वीनॉक्स वह खगोलीय घटना है जब सूर्य की किरणें पृथ्वी की भूमध्य रेखा पर लंबवत पड़ती हैं। इस समय पृथ्वी के दोनों गोलार्धों को सूर्य का प्रकाश लगभग समान मात्रा में प्राप्त होता है। इक्वीनॉक्स के समय सूर्य लगभग ठीक पूर्व दिशा में उदित और पश्चिम दिशा में अस्त होता दिखाई देता है।
वर्ष में सामान्यतः दो इक्वीनॉक्स होते हैं एक मार्च में और दूसरा सितंबर में। सितंबर वाला इक्वीनॉक्स उत्तरी गोलार्ध में खगोलीय शरद ऋतु की शुरुआत से जुड़ा होता है।
फिर 12 घंटे का दिन रात कुछ दिन बाद क्यों?
सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को केवल सूर्य के केंद्र की वास्तविक स्थिति से नहीं मापा जाता। वायुमंडलीय अपवर्तन और सूर्य के दिखाई देने वाले चक्र (सूर्य के ऊपरी किनारे के क्षितिज से ऊपर आने और नीचे जाने) के कारण वास्तविक सूर्योदय सूर्यास्त के समय में कुछ अंतर आता है। इसी वजह से इक्वीनॉक्स की तारीख और किसी स्थान पर दिन रात के लगभग बराबर होने की तारीख एक नहीं होती। इसी स्थिति को इक्वीलक्स कहा जाता है। इसकी तारीख स्थान के अक्षांश स्थानीय क्षितिज और सूर्योदय सूर्यास्त की गणना पर निर्भर करती है। मध्य भारत में इस वर्ष यह स्थिति 28 सितंबर के आसपास बन रही है।
मध्य प्रदेश के शहरों में करीब 12 घंटे का दिन
28 सितंबर को मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों में सूर्योदय से सूर्यास्त तक की अवधि लगभग 12 घंटे रहने की स्थिति रहेगी। उपलब्ध गणना के अनुसार
शहर| सूर्योदय| सूर्यास्त| दिन की अवधि
भोपाल| सुबह 6:10 बजे| शाम 6:10 बजे| 11 घंटे 59 मिनट 59 सेकंड
नर्मदापुरम| सुबह 6:09 बजे| शाम 6:09 बजे| 12 घंटे 00 मिनट 08 सेकंड
रायसेन| सुबह 6:09 बजे| शाम 6:09 बजे| 11 घंटे 59 मिनट 58 सेकंड
छिंदवाड़ा| सुबह 6:04 बजे| शाम 6:04 बजे| 12 घंटे 00 मिनट 20 सेकंड
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि इन स्थानों पर दिन की अवधि 12 घंटे के बेहद करीब रहेगी। कुछ स्थानों पर दिन 12 घंटे से कुछ सेकंड कम जबकि कुछ जगह कुछ सेकंड अधिक रहेगा।
प्रकृति का 50-50 जैसा संतुलन
28 सितंबर की खासियत यही है कि मध्य भारत के इन इलाकों में सूर्योदय से सूर्यास्त तक का समय लगभग 12 घंटे का होगा। यानी खगोलीय गणना के लिहाज से दिन और रात की अवधि लगभग बराबर नजर आएगी। हालांकि इसे बिल्कुल हर स्थान पर 12 घंटे दिन और 12 घंटे रात का गणित मानना सही नहीं होगा, क्योंकि कुछ सेकंड का अंतर स्थान और गणना पद्धति के अनुसार बना रह सकता है।
इक्वीनॉक्स और इक्वीलक्स में अंतर
इक्वीनॉक्स मुख्य रूप से सूर्य की पृथ्वी के भूमध्य रेखा के संबंध में स्थिति से जुड़ी खगोलीय घटना है जबकि इक्वीलक्स किसी खास स्थान पर सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच लगभग 12 घंटे की अवधि बनने से संबंधित है। यही कारण है कि सितंबर के इक्वीनॉक्स की तारीख को दिन रात की बिल्कुल समान अवधि की तारीख मान लेना सही नहीं है। इक्वीलक्स कुछ दिन बाद आता है और इसकी तारीख अलग अलग भौगोलिक स्थानों के लिए अलग हो सकती है।
28 सितंबर क्यों खास?
इस दिन मध्य भारत के कई हिस्सों में सूर्य के उदय से लेकर अस्त होने तक का समय लगभग 12 घंटे रहने वाला है। इसलिए सुबह की रोशनी और शाम तक सूर्य की मौजूदगी की अवधि में इस दिन एक खास संतुलन देखने को मिलेगा। इसके बाद उत्तरी गोलार्ध में दिन लगातार छोटे और रातें लंबी होती जाएंगी। यानी 28 सितंबर को घड़ी में भले ही दिन और रात के बीच कुछ सेकंड का फर्क दिखाई दे लेकिन मध्य भारत में प्रकृति दिन और रात के बीच लगभग बराबरी का बेहद करीब संतुलन पेश करेगी।







