टीईटी से मुक्ति और प्रथम नियुक्ति से सेवा अवधि की गणना की मांग , अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा द्वारा भोपाल में आंदोलन

टीईटी से मुक्ति और प्रथम नियुक्ति से सेवा अवधि की गणना की मांग
अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा द्वारा भोपाल में आंदोलन
भोपाल यश भारत। अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा मध्यप्रदेश ने नवीन शिक्षक संवर्ग की तीन सूत्रीय मांगों के निराकरण की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है। मोर्चे ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर सेवारत शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने सेवा अवधि की गणना प्रथम नियुक्ति दिनांक से करने और ई अटेंडेंस व्यवस्था समाप्त करने की मांग की है। मोर्चे के पदाधिकारियों के अनुसार मांगों को लेकर 8 अप्रैल से 5 सितंबर 2026 तक प्रदेश के विभिन्न जिलों ब्लॉक और तहसील स्तर पर महारैलियों एवं ज्ञापन कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसी क्रम में 18 अप्रैल को भोपाल के भेल दशहरा मैदान में बड़ी संख्या में शिक्षकों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री अनुरोध यात्रा आयोजित कर ज्ञापन सौंपा गया था।
मोर्चे ने बताया कि 30 अगस्त को नई दिल्ली में सेवारत शिक्षकों पर लागू टीईटी अनिवार्यता समाप्त करने की मांग को लेकर आंदोलन किया गया। मोर्चे का आरोप है कि आंदोलन में शामिल होने दिल्ली जा रहे शिक्षकों को मध्यप्रदेश पुलिस प्रशासन द्वारा विभिन्न स्थानों पर रोका गया, जिससे उन्हें मानसिक एवं आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
तीन प्रमुख मांगें
टीईटी की अनिवार्यता समाप्त हो मोर्चे ने मांग की है कि राज्य सरकार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर सेवारत शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने संबंधी संकल्प प्रस्ताव पारित करे और केंद्र सरकार को आवश्यक विधायी संशोधन के लिए प्रस्ताव भेजे।
प्रथम नियुक्ति से सेवा अवधि की गणना शिक्षक संवर्ग के कर्मचारियों को उनकी प्रथम नियुक्ति की तारीख से सेवा अवधि की गणना का लाभ देने की मांग की गई है। इसके तहत ग्रेच्युटी अवकाश नगदीकरण पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों के लिए वरिष्ठता मान्य करने की मांग रखी गई है।
ई अटेंडेंस व्यवस्था समाप्त हो मोर्चे ने विद्यालयों में लागू वर्तमान ई अटेंडेंस व्यवस्था को समाप्त कर शिक्षकों के लिए व्यावहारिक एवं शिक्षक हितैषी व्यवस्था लागू करने की मांग की है।
मोर्चे के पदाधिकारियों का कहना है कि अगस्त 2026 तक शिक्षा मंत्री और लोक शिक्षण संचालनालय के अधिकारियों से लगातार संवाद एवं मुलाकात का क्रम जारी रहा लेकिन उनकी प्रमुख मांगों का निराकरण नहीं हुआ। इसके बाद संयुक्त मोर्चे की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि मांगों का समाधान नहीं होने पर 27 सितंबर 2026 से भोपाल में अनिश्चितकालीन आंदोलन प्रदर्शन शुरू किया गया है
मोर्चा मुख्यमंत्री से शिक्षा मंत्री के माध्यम से मुलाकात कर अपनी मांगें रखना चाहता है। साथ ही मुख्यमंत्री के मुख्य आतिथ्य में कार्यक्रम आयोजित करने की मांग भी की गई है। मोर्चे ने मुख्यमंत्री से तीनों मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर शीघ्र निराकरण कराने का अनुरोध किया है। प्रतिलिपि शिक्षा मंत्री प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा विभाग आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय प्रमुख सचिव एवं आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग को भी भेजी गई है।







