कीचड़, गड्ढे और जलभराव से बेहाल हरिगंगा नगर – रहवासी बोले : विकास के दावों की खुली पोल

कीचड़, गड्ढे और जलभराव से बेहाल हरिगंगा नगर
– रहवासी बोले : विकास के दावों की खुली पोल
– वार्ड 84 की सडक़ बनी परेशानी का सबब, बारिश में घरों से निकलना हुआ मुश्किल

भोपाल, यश भारत। राजधानी भोपाल के वार्ड क्रमांक 84 स्थित हरिगंगा नगर के रहवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। परेशानी का कारण यह है कि वार्ड में कई जगहों पर रोड नहीं बन सकी है। हालात यह है कि लोग बारिश के दौरान अपने घरों में कैद हो जाते हैं। लोगों का कहना है कि स्थानीय जनप्रतिनिधि भी लोगों की समस्या्र नहीं सुन रहे हैं। क्षेत्र में पहली ही बारिश ने विकास कार्यों की हकीकत उजागर कर दी है। क्षेत्र की आंतरिक सडक़ें इन दिनों कीचड़, गड्ढों और जलभराव की चपेट में हैं। सडक़ पर जगह-जगह पानी भरा हुआ है और पूरी सडक़ दलदल में तब्दील हो चुकी है। इससे स्थानीय रहवासियों, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और वाहन चालकों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्र से सामने आई तस्वीरें हालात की गंभीरता को साफ बयां करती हैं। सडक़ पर बड़े-बड़े गड्ढों में बारिश का पानी भर गया है, जिससे यह पहचानना मुश्किल हो गया है कि सडक़ कहां है और गड्ढा कहां। दोपहिया वाहन चालक दुर्घटना के डर के साए में सफर करने को मजबूर हैं, वहीं पैदल चलने वालों के लिए सडक़ पार करना किसी चुनौती से कम नहीं है।
स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि लंबे समय से सडक़ की मरम्मत और जल निकासी व्यवस्था की मांग की जा रही है, लेकिन जिम्मेदार विभागों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। नालियों की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी सडक़ पर ही जमा हो जाता है और कई दिनों तक निकासी नहीं हो पाती। इसके चलते सडक़ की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।
रहवासियों का कहना है कि सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों और नौकरीपेशा लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। कीचड़ और पानी के कारण वाहन फिसलने का खतरा बना रहता है। कई बार लोग गड्ढों में गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
क्षेत्र के लोगों ने बताया कि सडक़ की दुर्दशा के कारण ऑटो और अन्य छोटे वाहन भी यहां आने से कतराने लगे हैं। बारिश के दिनों में स्थिति और भयावह हो जाती है। जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य बीमारियों का खतरा भी मंडरा रहा है। लोगों का कहना है कि नगर निगम और संबंधित विभाग केवल कागजों पर विकास कार्यों का दावा करते हैं, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है।
रहवासियों ने आरोप लगाया कि कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को शिकायतें दी गईं, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। क्षेत्र में सडक़ निर्माण और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं होने से हर वर्ष बारिश के मौसम में यही स्थिति बन जाती है। स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम और जिला प्रशासन से मांग की है कि हरिगंगा नगर की सडक़ों की तत्काल मरम्मत कराई जाए तथा जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। क्षेत्रवासियों का कहना है कि स्मार्ट सिटी और विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच हरिगंगा नगर की बदहाल सडक़ें जिम्मेदारों की लापरवाही की कहानी बयां कर रही हैं।







