पत्रकार को सरेराह चाकू अड़ाकर बनाया बंधक, कमरे में ले जाकर 32 हजार रुपये लूटे

पत्रकार को सरेराह चाकू अड़ाकर बनाया बंधक, कमरे में ले जाकर 32 हजार रुपये लूटे
लिफ्ट के बहाने गाड़ी के आगे कूदे बदमाश; पहचान होने के बाद भी निशातपुरा पुलिस के हाथ खाली
भोपाल, यशभारत। राजधानी में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होने के बाद भी बदमाशों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब लोकतंत्र का चौथा स्तंभ भी सुरक्षित नहीं बचा है। पुलिस की हाई-टेक गश्त और सुरक्षा के बड़े-बड़े दावों की धज्जियां उड़ाते हुए बेखौफ बदमाशों ने बीती रात निशातपुरा थाना क्षेत्र में एक लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया। बदमाशों ने मीडियाकर्मी अनुज को सरेराह चाकू की नोक पर बंधक बनाया और डरा-धमका कर कुल 32 हजार रुपये लूट लिए। इस खौफनाक वारदात ने शहर की कानून-व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है।
सड़क पर पटका, फिर गर्दन पर चाकू रख कमरे में किया बंद
यह खौफनाक वाकया सोमवार देर रात करीब 12:30 बजे का है। अनुज ऑफिस का काम खत्म कर अपने घर लौट रहे थे। जैसे ही वह निशातपुरा थाना क्षेत्र से गुजरे, एक युवक ने उन्हें रुकने का इशारा किया। लिफ्ट न देने पर बदमाश सीधे उनकी चलती गाड़ी के सामने कूद गया। अचानक हुए इस हादसे से अनुज की गाड़ी अनियंत्रित हो गई और वे सड़क पर गिर गए।
इससे पहले कि पीड़ित संभल पाता, झाड़ियों और अंधेरे में घात लगाए बैठे तीन अन्य बदमाश हथियार लहराते हुए वहां आ धमके। बदमाशों ने अनुज की गर्दन पर धारदार चाकू अड़ा दिया। इसके बाद वे उन्हें मुख्य सड़क से घसीटते हुए पास ही स्थित एक सुनसान कमरे में ले गए और वहां बंधक बना लिया।
कैश नहीं मिला तो परिचितों से करवाए ऑनलाइन ट्रांसफर
कमरे में बंद करने के बाद चारों लुटेरों ने अनुज पर पैसों के लिए दबाव बनाया। जब पीड़ित के पास नकद पैसे नहीं मिले, तो बदमाशों ने उनकी कनपटी पर चाकू रखकर जान से मारने की धमकी दी। दहशत में आए मीडियाकर्मी ने अपने परिचित प्रशांत व अन्य लोगों को फोन लगाकर तुरंत ऑनलाइन पैसे मंगवाए। बदमाशों ने अपने खातों में कुल 32 हजार रुपये डिजिटल ट्रांसफर करवाए और पीड़ित को वहीं बदहवास हालत में छोड़कर रफूचक्कर हो गए।
मुख्य मार्ग पर इतनी बड़ी वारदात हो गई, एक शख्स को अगवा कर कमरे में डाल दिया गया, लेकिन पुलिस की गश्ती गाड़ियां पूरी रात नदारद रहीं। यह घटना भोपाल पुलिस के इंटेलिजेंस और मुखबिर तंत्र के पूरी तरह फेल होने का सबूत है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निशातपुरा पुलिस रात में चेकिंग के नाम पर सिर्फ आम कामकाजी जनता को परेशान करती है, जबकि झुग्गियों में पल रहे आदतन चाकूबाज और लुटेरे खुलेआम कट्टा और चाकू लेकर सड़कों पर घूम रहे हैं। बीट प्रभारियों को अपने क्षेत्र के सक्रिय अपराधियों तक की भनक नहीं है।
रेड मारने गई थी पुलिस, लेकिन पहले ही भागे आरोपी
वारदात के बाद जब आला अधिकारियों डीसीपी और टीआई को मामले की भनक लगी, तो महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और पास की बस्ती में रहने वाले संदिग्धों की शिनाख्त भी कर ली। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि जब पुलिस आरोपियों के घरों पर दबिश देने पहुंची, तो वे पहले ही फरार हो चुके थे। पुलिस ने मामले में लूट और बंधक बनाने की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है।







