एमपी में मौसम का ‘रौद्र रूप’: 45 जिलों में आंधी-तूफान और झमाझम बारिश का अलर्ट, थमेगा पारा
ग्वालियर-चंबल में मानसून की 'बेरुखी', झुलस रहे लोग

जबलपुर ,यश भारत ।मध्य प्रदेश के मौसम में इन दिनों भारी उतार-चढ़ाव और विरोधाभास देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां प्रदेश के बड़े हिस्से में बादलों ने डेरा डाल दिया है, वहीं दूसरी तरफ कुछ इलाके अब भी भीषण तपिश की चपेट में हैं। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 45 जिलों में तेज आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश का ‘अलर्ट’ जारी किया है। इस मानसूनी हलचल से कई इलाकों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे आम जनता को उमस और गर्मी से बड़ी राहत मिली है।एक ओर जहां राजधानी भोपाल, संस्कारधानी जबलपुर समेत प्रदेश के 45 जिलों में मेघ मेहरबान हैं और आंधी-बारिश का दौर जारी है, वहीं दूसरी ओर ग्वालियर-चंबल संभाग में मानसून की बेरुखी बरकरार है। इन इलाकों में अभी तक मानसून ने दस्तक नहीं दी है, जिसके चलते लोग भीषण गर्मी झेलने को मजबूर हैं। स्थिति यह है कि ग्वालियर में पारा एक बार फिर 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जिससे लोग हलाकान हैं।
महाकौशल और विंध्य में मानसूनी सक्रियता
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नमी के कारण मध्य प्रदेश के मध्य, पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों (महाकौशल व विंध्य अंचल) में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और वज्रपात (बिजली गिरने) की भी आशंका जताई गई है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
आने वाले 24 घंटे भारी
मौसम विभाग की मानें तो अगले 24 घंटों के भीतर मानसून की रेखा आगे बढ़ेगी, जिससे ग्वालियर-चंबल के तपते इलाकों में भी राहत की बौछारें पड़ने की उम्मीद है। फिलहाल, प्रदेश के 45 जिलों में प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है ताकि जलभराव या आंधी से होने वाले नुकसान से तुरंत निपटा जा सके।







