अनुमति प्रमाण-पत्र के लिए मांगी 5 हजार की रिश्वत, 3500 लेते सरपंच दंपती गिरफ्तार

अनुमति प्रमाण-पत्र के लिए मांगी 5 हजार की रिश्वत, 3500 लेते सरपंच दंपती गिरफ्तार
मंदसौर, यश भारत । आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) उज्जैन की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मंदसौर जिले की ग्राम पंचायत दलौदा की सरपंच दुर्गा कैथवास और सरपंच प्रतिनिधि अनिल कैथवास को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। दोनों पर भवन निर्माण अनुमति के लिए पंचायत प्रमाण-पत्र जारी करने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है। जानकारी के अनुसार, आवेदक विक्रम सिंह पिता तखत सिंह निवासी मुवाला, तहसील सीतामऊ, जिला मंदसौर ने पुलिस अधीक्षक ईओडब्ल्यू उज्जैन को लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि उनके पिता तखत सिंह ने ग्राम पंचायत दलौदा के अंतर्गत एक भूखंड खरीदा था, जिसका नामांतरण भी हो चुका था।
आवेदक को बैंक से ऋण लेने के लिए नक्शे के अनुसार निर्माण अनुमति से संबंधित पंचायत प्रमाण-पत्र की आवश्यकता थी। आरोप है कि यह प्रमाण-पत्र जारी करने के बदले सरपंच दुर्गा कैथवास द्वारा अपने पति एवं सरपंच प्रतिनिधि अनिल कैथवास के माध्यम से 5 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी।ईओडब्ल्यू पुलिस अधीक्षक समर वर्मा के निर्देश पर शिकायत का सत्यापन कराया गया। सत्यापन के दौरान रिश्वत की राशि 5 हजार रुपये के बजाय 4 हजार रुपये तय हुई। इसमें से 500 रुपये आवेदक पहले ही सरपंच प्रतिनिधि को दे चुका था, जबकि शेष 3500 रुपये 28 सितंबर को देने की बात तय हुई।
शिकायत सही पाए जाने के बाद ईओडब्ल्यू उज्जैन की टीम ने ट्रैप की योजना बनाई। तय योजना के अनुसार टीम ने 28 सितंबर को ग्राम पंचायत दलौदा कार्यालय में कार्रवाई की। यहां आवेदक विक्रम सिंह से 3500 रुपये की रिश्वत लेते हुए सरपंच दुर्गा कैथवास और सरपंच प्रतिनिधि अनिल कैथवास को रंगे हाथों पकड़ लिया गया।






