अमृत योजना कार्यों में तेजी लाने के निर्देश, सीवर–पाइपलाइन कार्यों पर महापौर की सख्त निगरानी
खुदाई के बाद तत्काल रेस्टोरेशन और नागरिक सुरक्षा पर विशेष जोर, गुणवत्ता व समयसीमा पर कोई समझौता नहीं

अमृत योजना कार्यों में तेजी लाने के निर्देश, सीवर–पाइपलाइन कार्यों पर महापौर की सख्त निगरानी
खुदाई के बाद तत्काल रेस्टोरेशन और नागरिक सुरक्षा पर विशेष जोर, गुणवत्ता व समयसीमा पर कोई समझौता नहीं
कटनी, यशभारत। नगर निगम क्षेत्र में चल रही अमृत योजना के तहत सीवर नेटवर्क और पाइपलाइन विस्तार कार्यों को लेकर महापौर श्रीमती प्रीति संजीव सूरी ने सख्त रुख अपनाते हुए विस्तृत समीक्षा की। मंगलवार को आयोजित बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि शहर के विकास से जुड़े इन कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और नागरिक सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
समीक्षा बैठक में महापौर ने अधिकारियों से क्षेत्रवार प्रगति की जानकारी ली और निर्देश दिए कि जिन इलाकों में सीवर एवं पाइपलाइन बिछाने का कार्य चल रहा है, वहां कार्य इस तरह किया जाए कि नागरिकों को न्यूनतम असुविधा हो। उन्होंने कहा कि कार्यों का चरणबद्ध संचालन जरूरी है, ताकि एक साथ किसी बड़े क्षेत्र में बाधा उत्पन्न न हो।
महापौर ने विशेष रूप से रेस्टोरेशन कार्यों पर जोर देते हुए कहा कि खुदाई के बाद सड़कों और मार्गों की तत्काल और गुणवत्तापूर्ण भराई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्य पूर्ण होने के बाद क्षेत्र को सुरक्षित और व्यवस्थित स्थिति में ही नागरिकों के उपयोग हेतु छोड़ा जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी कार्य की शुरुआत से पहले संबंधित क्षेत्र के पार्षदों और स्थानीय नागरिकों को जानकारी दी जाए, ताकि लोगों को कार्य की प्रकृति और अवधि के बारे में पूर्व से जानकारी रहे। साथ ही व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए, जिससे नागरिकों को अनावश्यक असुविधा न हो।
महापौर ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सख्ती दिखाई। उन्होंने कहा कि खुदाई कार्यों के दौरान पर्याप्त बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक और सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य रूप से किया जाए। साथ ही जितना क्षेत्र कार्य के लिए खोला जाए, उतनी ही तेजी से उसकी भराई और रेस्टोरेशन किया जाए, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना समाप्त हो सके।
बैठक में अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग और गुणवत्ता की सतत जांच के निर्देश दिए गए। महापौर ने कहा कि अमृत योजना का उद्देश्य शहर को आधुनिक और बेहतर बुनियादी सुविधाएं देना है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में उपयंत्री मृदुल श्रीवास्तव, एआरई सौरभ नोगज़ा सहित पीडीएमसी के अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।







