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एडिशनल एसपी अंजना तिवारी ने लिया मामले का संज्ञान, जमीनी हकीकत जानने भेजी यातायात टीम

उखरी तिराहे - अहिंसा चौक मे पहले से मौजूद हैं ट्रैफिक सिग्नल, इसलिए एकता चौक पर नया सिग्नल लगाना नियमों के विपरीत

01 2रॉन्ग साइड, शॉर्टकट और यातायात नियमों की अनदेखी बन रही दुर्घटनाओं की वजह, एडिशनल एसपी अंजना तिवारी के निर्देशन में यातायात टीम ने किया विस्तृत सर्वे, बने विस्तृत रिपोर्ट

जबलपुर। एकता चौक तिराहा पिछले कुछ समय से सड़क दुर्घटनाओं, रॉन्ग साइड ड्राइविंग और ट्रैफिक अव्यवस्था को लेकर चर्चा में है। लगातार सामने आ रही शिकायतों और जनप्रतिनिधियों की मांग के बाद यातायात पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और विभिन्न समय में विस्तृत सर्वेक्षण किया। एडिशनल एसपी यातायात अंजना तिवारी के निर्देशन में तैयार की गई रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि एकता चौक पर दुर्घटनाओं की मुख्य वजह ट्रैफिक सिग्नल का अभाव नहीं बल्कि वाहन चालकों द्वारा नियमों की अनदेखी, रॉन्ग साइड ड्राइविंग और शॉर्टकट अपनाने की प्रवृत्ति है।

एकता चौक तिराहे की वास्तविक स्थिति जानने मैदान में उतरी यातायात पुलिस की टीम

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लगातार मिल रही शिकायतों और दुर्घटनाओं की आशंकाओं के मद्देनजर यातायात पुलिस की टीम ने एकता चौक तिराहे का जमीनी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने अलग-अलग समय में यातायात की स्थिति का अध्ययन किया, ताकि यह समझा जा सके कि आखिर यहां समस्या की वास्तविक वजह क्या है। निरीक्षण के दौरान वाहनों की संख्या, सड़क की चौड़ाई, डिवाइडर व्यवस्था, वाहन संचालन और जाम की स्थिति का सूक्ष्म परीक्षण किया गया।

निरीक्षण में नहीं मिला अत्यधिक ट्रैफिक दबाव

सर्वे के दौरान यह तथ्य सामने आया कि एकता चौक पर सामान्य परिस्थितियों में वाहनों का आवागमन सुचारू रूप से संचालित हो रहा है। यहां ऐसा कोई असामान्य दबाव नहीं मिला, जिसे जाम या दुर्घटनाओं की मुख्य वजह माना जा सके। यातायात विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क की संरचना और उपलब्ध स्थान वर्तमान यातायात भार को संभालने में सक्षम है।

उखरी और अहिंसा चौक पर पहले से मौजूद हैं ट्रैफिक सिग्नल

रिपोर्ट का सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि एकता चौक से लगभग 300 मीटर पहले उखरी तिराहे पर ट्रैफिक सिग्नल पहले से संचालित है। वहीं दूसरी ओर लगभग 200 मीटर की दूरी पर पोलीपाथर की दिशा में भी ट्रैफिक सिग्नल मौजूद है। ऐसे में मात्र 500 मीटर के भीतर तीन ट्रैफिक सिग्नल स्थापित करना यातायात इंजीनियरिंग के मानकों के अनुरूप नहीं माना गया है।

आखिर क्यों नहीं लगेगा एकता तिराहे पर नया ट्रैफिक सिग्नल?

यातायात विभाग के तकनीकी विश्लेषण में पाया गया कि यदि एकता चौक पर नया ट्रैफिक सिग्नल लगाया जाता है तो वाहन चालकों को कुछ ही सेकंड के अंतराल में बार-बार रुकना पड़ेगा। इससे यातायात की गति प्रभावित होगी और सड़क पर अनावश्यक रुकावटें बढ़ेंगी। रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया है कि वर्तमान स्थिति में सिग्नल समाधान नहीं बल्कि नई समस्या बन सकता है।

दुर्घटनाओं की सबसे बड़ी वजह बना रॉन्ग साइड का खेल

एकता चौक के आसपास बड़ी संख्या में व्यवसायिक प्रतिष्ठान संचालित हैं। खरीदारी करने आने वाले कई लोग निर्धारित मार्ग का उपयोग करने के बजाय समय बचाने के लिए रॉन्ग साइड वाहन चलाते हैं। अचानक सामने आने वाले ऐसे वाहन अन्य चालकों को प्रतिक्रिया का पर्याप्त समय नहीं देते, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है।

शॉर्टकट की आदत पड़ रही भारी

यातायात अधिकारियों ने पाया कि अधिकांश लोग कुछ मिनट बचाने के लिए नियमों की अनदेखी करते हैं। उखरी तिराहे तक जाकर वैधानिक यू-टर्न लेने की बजाय कई वाहन चालक सीधे डिवाइडर के किनारे से गलत दिशा में प्रवेश कर जाते हैं। यही शॉर्टकट आगे चलकर जाम और दुर्घटना दोनों की वजह बन रहा है।

डिवाइडर मौजूद, फिर भी नहीं रुक रही नियमों की अनदेखी

चौक पर डिवाइडर और सड़क संरचना पर्याप्त है, लेकिन समस्या व्यवस्था की नहीं बल्कि अनुशासन की है। लोग निर्धारित लेन और दिशा का पालन नहीं करते, जिसके कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि लोग नियमों का पालन करें तो अधिकांश समस्याएं स्वतः समाप्त हो सकती हैं।

जाम का कारण वाहन नहीं, गलत दिशा से आने वाले चालक

यातायात विभाग ने स्पष्ट रूप से माना है कि एकता चौक पर लगने वाले जाम का मुख्य कारण वाहनों की संख्या नहीं है। जाम तब बनता है जब रॉन्ग साइड से आने वाले वाहन मुख्य यातायात धारा में बाधा उत्पन्न करते हैं। इससे अचानक ब्रेक लगते हैं और वाहनों की लंबी कतार बन जाती है।

तीसरा सिग्नल लगाने से और बढ़ सकती है समस्या

रिपोर्ट के अनुसार यदि तीसरा सिग्नल लगाया गया तो मुख्य मार्ग पर चलने वाले वाहनों को बार-बार रुकना पड़ेगा। इससे जाम का दायरा और बढ़ सकता है। वहीं रॉन्ग साइड से आने वाले वाहन वैसे ही नियमों का उल्लंघन करते रहेंगे, जिससे मूल समस्या का समाधान नहीं होगा।

चालकों में बढ़ सकती है झुंझलाहट और नियम तोड़ने की प्रवृत्ति

तकनीकी रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कम दूरी में लगातार सिग्नल होने से वाहन चालकों में मानसिक झुंझलाहट बढ़ती है। कई बार ऐसी परिस्थितियों में लोग जल्दबाजी में नियम तोड़ने लगते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है।

जनप्रतिनिधियों की मांग के बाद हुआ विस्तृत परीक्षण

स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा लगातार सिग्नल लगाने और सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की जा रही थी। इसी के बाद यातायात विभाग ने तकनीकी आधार पर स्थिति का मूल्यांकन किया और तथ्यों पर आधारित रिपोर्ट तैयार की।

एडिशनल एसपी अंजना तिवारी ने मांगी जमीनी रिपोर्ट

एडिशनल एसपी यातायात अंजना तिवारी ने अधिकारियों को केवल कागजी आंकड़ों पर निर्भर रहने के बजाय जमीनी स्तर पर निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उनके निर्देशन में तैयार रिपोर्ट ने समस्या के वास्तविक कारणों को सामने लाने का काम किया है।

डीएसपी ने भी दिया अपना अभिमत

एकता चौक तिराहे को लेकर लगातार उठ रहे सवालों और दुर्घटनाओं की आशंकाओं के बीच डीएसपी ट्रैफिक संतोष शुक्ला ने स्वयं मौके पर पहुंचकर यातायात व्यवस्था का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने केवल ट्रैफिक दबाव का ही नहीं, बल्कि सड़क की संरचना, डिवाइडरों की स्थिति, वाहनों की आवाजाही, रॉन्ग साइड मूवमेंट और जाम के कारणों का भी बारीकी से अध्ययन किया।निरीक्षण के दौरान डीएसपी शुक्ला ने विभिन्न समय पर यातायात की स्थिति का आकलन कराया और अधिकारियों से तकनीकी रिपोर्ट तैयार करने को कहा। सर्वेक्षण में यह तथ्य सामने आया कि एकता चौक पर समस्या वाहनों की अधिक संख्या नहीं, बल्कि कुछ वाहन चालकों द्वारा नियमों की अनदेखी करते हुए रॉन्ग साइड चलने और शॉर्टकट अपनाने की है।

15 मीटर तक बढ़ाए जाएंगे डिवाइडर

रॉन्ग साइड ड्राइविंग रोकने के लिए यातायात विभाग ने चौक से मिलने वाले तीनों मार्गों पर डिवाइडरों की लंबाई अस्थायी बैरिकेडिंग के माध्यम से लगभग 15 मीटर तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य गलत दिशा से वाहनों के प्रवेश को रोकना है।

पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू होगी नई व्यवस्था

डिवाइडर विस्तार को पहले ट्रायल के रूप में लागू किया जाएगा। इसके बाद यह देखा जाएगा कि रॉन्ग साइड ड्राइविंग में कितनी कमी आती है और दुर्घटनाओं तथा जाम की स्थिति पर इसका कितना प्रभाव पड़ता है।

यातायात पुलिस की रहेगी विशेष निगरानी

ट्रायल अवधि के दौरान यातायात पुलिस की टीम लगातार एकता चौक पर तैनात रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी और लोगों को जागरूक भी किया जाएगा।

सिग्नल नहीं, अनुशासन की जरूरत

रिपोर्ट का अंतिम निष्कर्ष यही है कि एकता चौक की समस्या का समाधान नया ट्रैफिक सिग्नल नहीं है। असली जरूरत रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर रोक, यातायात नियमों का पालन और सड़क अनुशासन को मजबूत करने की है। यदि वाहन चालक नियमों का पालन करें तो न केवल जाम कम होगा बल्कि दुर्घटनाओं पर भी प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा।

क्या कहती हैं यातायात एडिशनल एसपी

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एडिशनल एसपी अंजना तिवारी ने कहा कि कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी फिर भी एकता चौक तिराहे पर लगातार सामने आ रही दुर्घटनाओं, जाम और ट्रैफिक अव्यवस्था की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए बताया कि केवल शिकायतों और मांगों के आधार पर निर्णय लेने के बजाय वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए यातायात अधिकारियों को विस्तृत सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए। उनके निर्देश पर यातायात पुलिस की टीम विभिन्न समय पर एकता चौक पहुंची और यातायात दबाव, दुर्घटनाओं के कारणों, रॉन्ग साइड मूवमेंट तथा सिग्नल की आवश्यकता का तकनीकी अध्ययन किया।

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