होर्मुज स्ट्रेट पर टकराव तेज: US नेवी की नाकेबंदी के ऐलान से वैश्विक संकट गहराने की आशंका
भारत में कुकिंग गैस और पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका

वाशिंगटन। मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंचता नजर आ रहा है। रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज स्ट्रेट को लेकर हालात गंभीर हो गए हैं। यूएस सेंट्रल कमांड ने घोषणा की है कि अमेरिकी नौसेना आज से इस समुद्री मार्ग पर नाकेबंदी लागू करेगी, जिससे ईरान के बंदरगाहों तक आने-जाने वाले जहाजों की आवाजाही पर रोक लगाई जाएगी। यह नाकेबंदी भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे से प्रभावी होगी। इस फैसले का असर वैश्विक स्तर पर पड़ सकता है, खासकर तेल और गैस सप्लाई पर निर्भर देशों—जैसे भारत—के लिए यह स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है। कुकिंग गैस और पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
इस बीच, डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट कर अमेरिकी नौसेना को निर्देश दिए हैं कि ऐसे जहाजों की पहचान की जाए जो ईरान को टोल देकर होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसे जहाजों को न आगे बढ़ने दिया जाएगा और न ही वापस लौटने की अनुमति मिलेगी। दूसरी ओर, ईरान ने इस कदम को उकसावे की कार्रवाई बताते हुए कड़ी चेतावनी दी है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट के आसपास अमेरिकी सैन्य जहाजों की गतिविधि बढ़ी, तो इसे सीजफायर का उल्लंघन माना जाएगा और इसका जवाब उसी अंदाज में दिया जाएगा।
CENTCOM ने समुद्री जहाजों के क्रू से अपील की है कि वे आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखें और ओमान की खाड़ी व होर्मुज स्ट्रेट के आसपास काम करते समय ‘ब्रिज-टू-ब्रिज चैनल 16’ पर अमेरिकी नौसेना से संपर्क बनाए रखें।
गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे व्यस्त तेल मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस का परिवहन होता है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार का टकराव वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर डाल सकता है।







