ईरान का पलटवार: जॉर्डन-बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले, ट्रंप की खुली धमकी
ईरान के कई ठिकानों पर अमेरिका की बमबारी

तेहरान/वाशिंगटन। पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता टकराव अब क्षेत्रीय युद्ध का रूप लेने की आशंका पैदा कर रहा है। अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने जॉर्डन और बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाने का दावा किया है। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि यदि उसने अमेरिकी हमलों का जवाब देने की कोशिश की तो अमेरिका पहले से भी कहीं बड़ा हमला करेगा। ईरान ने पलटवार करते हुए कहा है कि अमेरिका और ट्रंप को ईरान पर हमले का पछतावा होगा।
जॉर्डन के एयरबेस को बनाया निशाना
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के अनुसार, जॉर्डन के प्रिंस हसन एयर बेस पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं। यहां अमेरिकी RQ-4 और MQ-9 ड्रोन से जुड़े हैंगर को निशाना बनाए जाने का दावा किया गया है। ईरानी दावे के मुताबिक हमले में कुछ ड्रोन नष्ट हुए और अमेरिकी कर्मियों को भी नुकसान पहुंचा। हालांकि अमेरिका और जॉर्डन ने अभी इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की है। मफराक शहर के ऊपर कुछ रॉकेटों को इंटरसेप्ट किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
ईरान के कई ठिकानों पर अमेरिका की बमबारी
इससे पहले अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमले किए। केशम द्वीप, सिरिक, चाबहार, बंदर अब्बास और अन्य क्षेत्रों में धमाकों की खबर सामने आई। अमेरिकी हमलों में IRGC के एयर डिफेंस सिस्टम, रडार, संचार केंद्र और समुद्री खदान बिछाने से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाए जाने का दावा किया गया।
सिरिक इलाके में एक शादी समारोह के दौरान मिसाइल गिरने से चार लोगों की मौत और 50 से अधिक लोगों के घायल होने की बात भी सामने आई है। हालांकि इस घटना और उससे जुड़े आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
होर्मुज जलडमरूमध्य से शुरू हुआ तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच ताजा तनाव की शुरुआत होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री गतिविधियों को लेकर हुई। ईरान पर दो टैंकरों को समुद्री खदानों के जरिए निशाना बनाने का आरोप लगा। इसके बाद अमेरिका ने ईरान के दो मिसाइल लॉन्चरों पर हमला किया। अमेरिका का दावा था कि इनका इस्तेमाल समुद्र में माइन बिछाने की तैयारी के लिए किया जा रहा था।
अब दोनों देशों की ओर से लगातार हमलों और जवाबी हमलों के बीच खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका ने जहां ईरान को और कड़े सैन्य जवाब की चेतावनी दी है, वहीं तेहरान ने भी पीछे नहीं हटने के संकेत दिए हैं। ऐसे में आशंका बढ़ रही है कि यदि हमले इसी तरह जारी रहे तो इसका असर पूरे पश्चिम एशिया और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।







