हत्या के बाद शव के टुकड़े, कुछ पकाए और कुछ ट्रॉली बैग में भरकर ट्रेन में रख दिया, मणिपुर से पकड़े गए आरोपी
350 कैमरों ने पहुंचाया हत्यारों तक

चेन्नई। हयातुन निशा हत्याकांड की जांच में सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार माणिक उद्दीन लस्कर और उसकी पत्नी भगवती माझी ने हत्या के पीछे त्रिकोणीय प्रेम प्रसंग और आपसी विवाद को वजह बताया है। पुलिस के अनुसार 22 वर्षीय माणिक का 38 वर्षीय निशा से करीब छह महीने से प्रेम संबंध था। निशा अपने पति से अलग रह रही थी। माणिक की 21 वर्षीय पत्नी भगवती को जब इस रिश्ते की जानकारी हुई तो घर में विवाद शुरू हो गया।
पुलिस के मुताबिक गुडुवांचरी स्थित किराए के मकान में जब तीनों साथ रहने लगे तो तनाव और बढ़ गया। पूछताछ में सामने आया कि इसी विवाद के बीच निशा की हत्या की साजिश रची गई। हत्या के बाद शव के टुकड़े किए गए और उन्हें अलग-अलग तरीके से ठिकाने लगाने की कोशिश की गई। कुछ अवशेष बड़े बर्तनों में रखे गए, जबकि धड़ समेत अन्य हिस्सों को लाल रंग के ट्रॉली बैग में भर दिया गया। इसके बाद आरोपियों ने बैग को चेन्नई सेंट्रल रेलवे स्टेशन से तमिलनाडु एक्सप्रेस की जनरल बोगी में रख दिया। उन्हें उम्मीद थी कि चलती ट्रेन में शव को रखने से पुलिस तक पहुंचना मुश्किल होगा, लेकिन यही कदम उनके लिए सुराग बन गया।
350 कैमरों की फुटेज से खुला राज
5 अगस्त को चेन्नई से नई दिल्ली जा रही तमिलनाडु एक्सप्रेस के आगरा कैंट स्टेशन पहुंचने पर जनरल बोगी में पड़े ट्रॉली बैग से दुर्गंध आने लगी। यात्रियों की सूचना पर जीआरपी ने बैग खोला तो उसमें पॉलिथीन में लिपटे मानव अवशेष मिले। इसके बाद मामले की जांच शुरू हुई।चेन्नई आरपीएफ ने स्टेशन पर लगे करीब 350 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज की पड़ताल के दौरान पुलिस को बैग ट्रेन में रखने वाले आरोपियों तक पहुंचने का सुराग मिला। पुलिस के अनुसार, मामला खुलने का अंदाजा न होने के कारण आरोपी गिरफ्तारी से पहले चेन्नई छोड़कर पूर्वोत्तर की ओर भाग गए थे।
मणिपुर से पकड़े गए, अब पैसों के लेन-देन की जांच
पुलिस ने मणिपुर से माणिक और भगवती को गिरफ्तार किया और दोनों को चेन्नई लाकर पूछताछ की जा रही है। जांच अब केवल प्रेम प्रसंग तक सीमित नहीं है। पुलिस पैसों के लेन-देन, हत्या की साजिश और शव को ठिकाने लगाने में शामिल अन्य संभावित पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि शव के कुछ हिस्सों को मैदा और सब्जी में मिलाकर पकाया गया था। इस भयावह तरीके से हत्या के सबूत मिटाने की कोशिश ने पूरे मामले को और भी सनसनीखेज बना दिया है।







