अतिवृष्टि : शैक्षणिक संस्थानों में 2 और 3 सितंबर को अवकाश घोषित

सतना यश भारत। सतना जिले में लगातार हो रही भारी बारिश, अतिवृष्टि, नदी-नालों के उफान और जलभराव की स्थिति को देखते हुए छात्र-छात्राओं एवं आमजन की सुरक्षा के दृष्टिगत जिला प्रशासन द्वारा महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।

कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट डॉ. सतीश कुमार एस के आदेशानुसार जिले में संचालित समस्त शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों के लिए 2 एवं 3 सितंबर 2026 को दो दिवस का अतिरिक्त अवकाश घोषित किया गया है।
जिला शिक्षा अधिकारी सलोनी शर्मा द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह अवकाश सतना जिले में संचालित समस्त शासकीय, अशासकीय एवं केंद्रीय विद्यालयों, जवाहर नवोदय विद्यालय, आईसीएसई, सीबीएसई तथा अन्य मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थाओं में नर्सरी से कक्षा 12वीं तक अध्ययनरत छात्र-छात्राओं पर लागू रहेगा। लगातार वर्षा के कारण नदी-नाले उफान पर हैं तथा कई स्थानों पर आवागमन प्रभावित होने की स्थिति को देखते हुए यह निर्णय विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है।
महाविद्यालयों, आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक में भी अवकाश
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट सतना द्वारा जारी आदेश के अनुसार पूर्व में घोषित अवकाश की अवधि को बढ़ाते हुए शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों, आईटीआई, पॉलिटेक्निक कॉलेजों तथा स्नातक एवं स्नातकोत्तर सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों एवं संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए भी 2 एवं 3 सितंबर 2026 तक अवकाश घोषित किया गया है। यह अवकाश केवल अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिए लागू रहेगा। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि इन तिथियों में कोई परीक्षा पूर्व से निर्धारित है, तो वह यथावत संचालित होगी। ऐसी स्थिति में संबंधित शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक स्टाफ संस्थान प्रमुख के निर्देशानुसार उपस्थित रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे। सभी संस्थान प्रमुखों को वर्षा एवं जलभराव से उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए संस्थानों की परिसंपत्तियों एवं महत्वपूर्ण अभिलेखों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सतना जिले में लगातार भारी बारिश और नदी-नालों के उफान को देखते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा भी आदेश जारी किया गया है। इसके तहत 2 एवं 3 सितंबर 2026 को आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों का आना प्रतिबंधित रहेगा। आदेश के अनुसार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका एवं अन्य स्टाफ इस अवधि में अपने मुख्यालय पर उपलब्ध रहेंगे तथा आवश्यकता पड़ने पर बाढ़, आपदा प्रबंधन एवं अन्य प्रशासनिक/आकस्मिक सेवाओं में सहयोग करेंगे। कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों एवं संस्थान प्रमुखों को जारी आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।







