3 घंटे में ख़त्म हुआ,6 साल का इंतजार, बच्चों के हाथ में आया आधार कार्ड, छात्रवृत्ति का खुला रास्ता

3 घंटे में खत्म हुआ 6 साल का इंतजार, बच्चों के हाथ में आया आधार कार्ड, छात्रवृत्ति का खुला रास्ता
जबलपुर, यश भारत। सरकारी कार्यालयों में वर्षों तक चक्कर लगाने की शिकायतें आम हैं, लेकिन जबलपुर कलेक्ट्रेट में एक ऐसा मामला सामने आया जिसने संवेदनशील प्रशासन की मिसाल पेश की। जिला डिंडोरी के ग्राम अमगवां (ग्राम पंचायत चाँदपुर) निवासी मजदूर अर्जुन सिंह अपने बच्चों रजनी और पूजा का आधार कार्ड बनवाने के लिए पिछले छह वर्षों से परेशान थे। आधार कार्ड नहीं होने के कारण दोनों बच्चों की छात्रवृत्ति रुकी हुई थी और वे कई शासकीय योजनाओं के लाभ से भी वंचित थे।
रोजगार की तलाश में जबलपुर पहुंचे अर्जुन सिंह ने अपनी समस्या ठेकेदार को बताई। उसकी सलाह पर वे परिवार सहित जबलपुर कलेक्ट्रेट स्थित ई-गवर्नेंस कार्यालय पहुंचे। यहां मामले को गंभीरता से लेते हुए ई-गवर्नेंस जिला प्रबंधक चित्रांशु त्रिपाठी के मार्गदर्शन में अधिकारियों ने करीब तीन घंटे तक पुराने रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच की। लगातार प्रयास के बाद वर्ष 2018 में बने दोनों बच्चों के आधार कार्ड का रिकॉर्ड खोज लिया गया और उसकी प्रतियां परिवार को उपलब्ध करा दी गईं।
आधार कार्ड मिलने के बाद परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। अब दोनों बच्चों की रुकी हुई छात्रवृत्ति मिलने का रास्ता साफ हो गया है और उनकी पढ़ाई भी बिना किसी बाधा के जारी रह सकेगी। अर्जुन सिंह ने ई-गवर्नेंस कार्यालय की पूरी टीम का आभार जताते हुए कहा कि वर्षों से लंबित उनकी समस्या का समाधान कुछ ही घंटों में हो गया। यह घटना बताती है कि संवेदनशील और जिम्मेदार कार्यशैली से सरकारी व्यवस्था आम नागरिकों का भरोसा जीत सकती है।







