बारिश में बदहाल हुई कृषि उपज मंडी, कीचड़ और जलभराव से थमा कारोबार
किसान-व्यापारी और मजदूर परेशान; बदबू, गंदगी व संक्रामक बीमारियों का बढ़ा खतरा

जबलपुर, यशभारत। बारिश शुरू होते ही जबलपुर की कृषि उपज मंडियों, विशेषकर फल एवं मटर मंडी की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर उजागर हो गई है। मंडी परिसर में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण जगह-जगह पानी भर गया है। पक्के रास्तों के अभाव में पूरी मंडी कीचड़ और दलदल में तब्दील हो गई है, जिससे किसानों, व्यापारियों और मजदूरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
संक्रामक बीमारियों का बढ़ा खतरा
मंडी में जलभराव के कारण न केवल आवागमन बाधित हो रहा है, बल्कि सड़ते हुए फल-सब्जियों और गंदे पानी से उठ रही दुर्गंध ने हालात और भी खराब कर दिए हैं। नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे मंडी परिसर में खड़ा होना तक मुश्किल हो गया है।
गंदगी और सड़न के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। मंडी में रोजाना काम करने वाले मजदूर, किसान और व्यापारी अस्वच्छ वातावरण में काम करने को मजबूर हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
कीचड़ के कारण मजदूर काम से कर रहे इंकार
व्यापारियों का कहना है कि बारिश के दिनों में कई मजदूर कीचड़ और गंदगी के कारण काम करने से मना कर देते हैं। इससे माल की लोडिंग-अनलोडिंग प्रभावित होती है और कारोबार पर सीधा असर पड़ता है। समय पर माल नहीं उठ पाने से व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, वहीं किसानों को भी अपनी उपज बेचने में परेशानी हो रही है।
बारिश के हर मौसम में मंडी की यही तस्वीर सामने आने के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। किसान और व्यापारी प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि मंडी परिसर में बेहतर जल निकासी व्यवस्था, पक्के मार्ग और नियमित सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि बारिश के दौरान भी कारोबार सुचारु रूप से चल सके।







