रीवा ।सड़क दुर्घटना में घायल 60 वर्षीय लिपिक के साथ अस्पताल में जो हुआ उसने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। संजय गांधी अस्पताल न्यूरो विभाग ने जहां वेंटिलेटर न होने का हवाला देकर पल्ला झाड़ लिया वहीं निजी अस्पताल में भी उपचार में की गई लापरवाही पर परिजनों ने इस दौरान जमकर हंगामा भी किया।
घायल को गंभीर हालत में जबलपुर ले जाया गया है जहां उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
सेमरिया थाना क्षेत्र के डढ़िया निवासी रामभाई मिश्रा 60 वर्ष जो आदिम जाति कल्याण विभाग में कार्यवाहक लिपिक के पद पर पदस्थ हैं। गुरुवार शाम करीब 6 बजे ऑफिस से अपने घर डढ़िया जा रहे थे। बकिया के पास सपहा गांव के समीप उनकी मोटरसाइकिल दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में उनके सिर पर गंभीर चोट आई। घायल अवस्था में ही उन्होंने घर फोन कर घटना की जानकारी दी।
परिजन मौके पर पहुंचे और उन्हें तत्काल संजय गांधी अस्पताल लेकर गए। अस्पताल के आकस्मिक चिकित्सा विभाग ले जाया गया जहां से सीधे सर्जरी विभाग के न्यूरो यूनिट में भर्ती किया गया। मरीज के – परिजनों को बताया गया कि वेंटिलेटर वाला बेड नहीं है। मरीज को नर्सिंग होम ले जाइए। मरीज को मां भगवती नर्सिंग होम ले जाया गया। लेकिन रात बीतते बीतते शुक्रवार सुबह 9 बजे के बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी। इस अस्पताल को डॉ. दिनेश पटेल संचालित करते हैं जो मेडिकल कॉलेज के न्यूरो विभाग में सहायक प्राध्यापक हैं।
मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. सुनील अग्रवाल ने कहा कि अस्पताल से मरीज को निजी हॉस्पिटल में ले जाने की शिकायत आई है। इसकी जांच कराकर संबंधित चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
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