सिवनी यश भारत:-जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया कई किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। शासन द्वारा स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 13 जनवरी निर्धारित की गई थी, लेकिन पोर्टल 8 जनवरी को ही बंद कर दिए जाने से बड़ी संख्या में किसान धान बेचने से वंचित रह गए। पंजीयन के अनुसार जिले में अब भी छह हजार से अधिक किसानों की धान बिक्री नहीं हो सकी है, जबकि खरीदी की अंतिम तारीख 20 जनवरी तय है।आज रविवार का दिन छोड़ दिया जाए तो किसानों के पास अब मात्र दो कार्यदिवस ही शेष बचे हैं।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक 51 हजार किसानों से 33 लाख क्विंटल से अधिक धान की खरीदी की जा चुकी है। नागरिक आपूर्ति निगम ने समितियों एवं महिला स्व सहायता समूहों के माध्यम से लगभग 798 करोड़ रुपये की धान खरीदी की है। हालांकि भुगतान की प्रक्रिया काफी धीमी चल रही है। अब तक 46 हजार से अधिक किसानों को 540 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है, जबकि करीब 250 करोड़ रुपये का भुगतान अभी शेष है। किसानों का कहना है कि धान बेचने के 15 से 20 दिन बाद भुगतान मिलता है, जो लंबे समय से चली आ रही समस्या है।
जिले में धान का परिवहन भी अपेक्षाकृत धीमा है। केंद्र परिसरों में धान से भरी बोरियों के ढेर लगे हैं और कई जगह स्टैकिंग कर धान रखी गई है। अब तक 26 लाख क्विंटल धान का परिवहन हो चुका है, जबकि लगभग 76 हजार मीट्रिक टन धान का परिवहन बाकी बताया जा रहा है। परिवहन में देरी के पीछे ट्रांसपोर्टरों की मनमानी और कहीं-कहीं हम्मालों की कमी प्रमुख कारण मानी जा रही है।
खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा धान बेचने से वंचित 1900 किसानों की सूची मुख्यालय भेजी गई है। यदि 19 और 20 जनवरी को खरीदी की अनुमति मिलती है तो इतने कम समय में धान खरीदी करना चुनौतीपूर्ण होगा। ऐसे में किसानों की मांग है कि शासन खरीदी की तारीख बढ़ाए, हालांकि इसकी संभावना कम बताई जा रही है।
बरघाट ब्लॉक में सबसे अधिक धान खरीदी का काम शेष है। इस वर्ष अनुमानित 34 लाख क्विंटल खरीदी के लक्ष्य के करीब खरीदी हो चुकी है, फिर भी पंजीयन के अनुसार लगभग 6500 किसान अब भी धान नहीं बेच पाए हैं। किसानों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा।
नागरिक आपूर्ति निगम सिवनी के जिला प्रबंधक सुरेश सनखैरे के अनुसार स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 13 जनवरी थी और आगे का निर्णय शासन स्तर से होगा। भुगतान एवं परिवहन की प्रक्रिया जारी है।
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