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मध्यप्रदेश को मिला जल संरक्षण में राष्ट्रीय गौरव

6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कारों की घोषणा — खरगोन और कावेश्वर पंचायत को मिला सम्मान

मध्यप्रदेश को मिला जल संरक्षण में राष्ट्रीय गौरव

6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कारों की घोषणा — खरगोन और कावेश्वर पंचायत को मिला सम्मान

भोपाल, मध्यप्रदेश ने जल संरक्षण और प्रबंधन के क्षेत्र में एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। नई दिल्ली में मंगलवार को जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कारों की घोषणा की, जिसमें मध्यप्रदेश को दो श्रेणियों में सम्मान प्राप्त हुआ।

खरगोन जिला पूर्वी क्षेत्र का सर्वश्रेष्ठ जिला घोषित

राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित इस प्रतियोगिता में खरगोन जिले को पूर्वी क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ जिले का पुरस्कार मिला है। साथ ही, खंडवा जिले की ग्राम पंचायत कावेश्वर ने सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत श्रेणी में संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान प्राप्त किया है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु करेंगी सम्मानित

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आगामी 18 नवम्बर 2025 को विजेताओं को पुरस्कार प्रदान करेंगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश को मिले इन पुरस्कारों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए खरगोन और कावेश्वर ग्राम पंचायत को बधाई दी।

जल संचय–जन भागीदारी” में भी अग्रणी म.प्र.

राज्य ने जल संचय–जन भागीदारी” पहल के अंतर्गत भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
कैच द रेन अभियान के तहत

साउथ जोन श्रेणी एक में ईस्ट निमाड़ को पहला पुरस्कार मिला।
श्रेष्ठ 50 शहरी निकायों में गुना जिला को प्रथम रैंक प्राप्त हुई।
जिला श्रेणी तीन में गुना, बैतूल, धार, देवास, सिवनी और खरगोन का चयन किया गया।

जल शक्ति मंत्रालय ने घोषित किए कुल 46 विजेता

जल शक्ति मंत्रालय के जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग ने वर्ष 2024 के लिए 46 विजेताओं (संयुक्त सहित) की घोषणा की।
पुरस्कार 10 श्रेणियों में दिए जा रहे हैं –

1. सर्वश्रेष्ठ राज्य
2. सर्वश्रेष्ठ जिला
3. सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत
4. सर्वश्रेष्ठ शहरी स्थानीय निकाय
5. सर्वश्रेष्ठ स्कूल/कॉलेज
6. सर्वश्रेष्ठ उद्योग
7. सर्वश्रेष्ठ जल उपयोक्ता संघ
8. सर्वश्रेष्ठ संस्था
9. सर्वश्रेष्ठ सिविल सोसायटी
10. जल क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हेतु सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति

 

जल समृद्ध भारत” के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में प्रयास

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में जल शक्ति मंत्रालय देशभर में जल प्रबंधन और संरक्षण के लिए व्यापक जनजागरण अभियान चला रहा है।
राष्ट्रीय जल पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 2018 में की गई थी, ताकि जल संरक्षण में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को प्रोत्साहित किया जा सके।

 

कैच द रेन अभियान से बढ़ी जन भागीदारी

जल संचय–जन भागीदारी” पहल के अंतर्गत राज्यों को पाँच ज़ोन में बाँटा गया है।
हर जिले को 10,000 कृत्रिम भूजल पुनर्भरण संरचनाएँ बनाने का लक्ष्य दिया गया है, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों के लिए यह लक्ष्य 3,000 संरचनाएँ है।
इनमें वर्षा जल संचयन तालाबों और बावड़ियों का पुनर्जीवन, तथा रूफटॉप रेनवॉटर हार्वेस्टिंग शामिल हैं।

शहरी जल संरक्षण के लिए मंत्रालयों की संयुक्त पहल

आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने जल शक्ति मंत्रालय के साथ मिलकर नगर निगमों को कम से कम 2,000 पुनर्भरण संरचनाएँ बनाने के लिए प्रेरित किया है।

इस वर्ष कुल 100 पुरस्कारों की घोषणा

वर्ष 2024 के लिए कुल 100 पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे, जिनमें

3 सर्वश्रेष्ठ राज्य
67 जिले
6 नगर निग
1 नगरीय स्थानीय निकाय
2 मंत्रालय/विभाग
2 उद्योग
3 गैर-सरकारी संगठन,
2 परोपकारी व्यक्ति
और 14 नोडल अधिकारी शामिल हैं।

 

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