कान्हा में जंगली भैंसा पुनर्स्थापन की शुरुआत, 100 साल बाद लौटी विलुप्त प्रजाति

जबलपुर, यश भारत। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में जैव विविधता संरक्षण के तहत जंगली भैंसा पुनर्स्थापन योजना का शुभारंभ करते हुए बालाघाट जिले के सूपखार क्षेत्र में चार जंगली भैंसों को सॉफ्ट रिलीज किया। लगभग 100 वर्ष पहले प्रदेश से विलुप्त हो चुकी इस प्रजाति की वापसी को ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान (असम) से लाए गए इन भैंसों में तीन मादा और एक नर शामिल हैं, जो सभी स्वस्थ और युवा अवस्था में हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल प्रदेश के वन्य-जीव संरक्षण और पारिस्थितिकी संतुलन के लिए महत्वपूर्ण है। जंगली भैंसों की वापसी से घासभूमि पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत होगा और स्थानीय स्तर पर पर्यटन व रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार विलुप्त प्रजातियों को पुनर्स्थापित करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।
असम से कान्हा तक लगभग 2000 किलोमीटर की यात्रा के बाद इन भैंसों को विशेषज्ञों की निगरानी में लाया गया। भारतीय वन्य-जीव संस्थान द्वारा कान्हा टाइगर रिजर्व को इसके लिए सबसे उपयुक्त स्थान माना गया है, जहां पर्याप्त जल स्रोत, विस्तृत घासभूमि और अनुकूल वातावरण उपलब्ध है। यह प्रयास प्रदेश को वन्य-प्राणी संरक्षण में नई पहचान दिलाएगा।





