खून का काला कारोबार: मेडिकल में तीसरा दलाल भी गिरफ्तार, 2 हजार लेकर हुआ था फरार
तीनों के खिलाफ FIR, अन्य की तलाश जारी

जबलपुर। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में खून की दलाली करने वाले गिरोह पर आखिरकार पुलिस और सुरक्षा एजेंसी ने शिकंजा कस दिया है। बीते दिनों पकड़े गए दो आरोपियों की निशानदेही पर शनिवार देर रात तीसरा आरोपी अंशुल अवस्थी उर्फ गोलू (निवासी शास्त्री नगर) भी मेडिकल अस्पताल परिसर से गिरफ्तार कर लिया गया।
2 हजार लेकर फरार हुआ था आरोपी
शहपुरा झांसीघाट निवासी अरविंद सिंह ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी पत्नी अंजू सिंह मेडिकल अस्पताल के स्त्री रोग विभाग में भर्ती थीं और उन्हें खून की आवश्यकता थी। इसी दौरान आरोपी अंशुल अवस्थी से उनकी मुलाकात हुई। उसने कहा कि “ब्लड बैंक से खून मिलने में 4-5 दिन लगेंगे, लेकिन मैं 2 हजार रुपये में तुरंत खून की व्यवस्था करा सकता हूं।”
अरविंद सिंह उसकी बातों में आ गए और 2 हजार रुपये सौंप दिए। आरोपी ने कहा कि वह डोनर लेकर आता है, लेकिन पैसे लेकर फरार हो गया।
खून की दलाली में सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश
पुलिस जांच में सामने आया कि पकड़े गए एन्ड्रयू जार्ज और जॉन्सन फ्रांसिस लंबे समय से मेडिकल परिसर में खून की दलाली का धंधा चला रहे थे। पूछताछ में उन्होंने बताया कि उनकी गैंग में करीब 100 सदस्य सक्रिय हैं, जो जरूरतमंद मरीजों को झांसा देकर उनसे पैसे वसूलते हैं। कई मामलों में ये या तो घटिया रक्त उपलब्ध कराते थे या रकम लेकर गायब हो जाते थे।
इसी गिरोह का सदस्य अंशुल अवस्थी उर्फ गोलू भी बताया गया, जो फरार चल रहा था। सुरक्षा एजेंसी की सतर्कता से शनिवार देर रात उसे मेडिकल परिसर में लौटते ही पकड़ लिया गया।
तीनों के खिलाफ FIR, अन्य की तलाश जारी
पीड़ित की रिपोर्ट पर पुलिस ने अंशुल अवस्थी, एन्ड्रयू जार्ज और जॉन्सन फ्रांसिस के खिलाफ धोखाधड़ी और दलाली से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
अस्पताल प्रशासन सख्त, सुरक्षा बढ़ाई गई
घटना के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अस्पताल परिसर में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है।
मरीजों और परिजनों से अपील की गई है कि वे ब्लड या अन्य चिकित्सकीय सेवाओं के लिए केवल अधिकृत काउंटर से ही संपर्क करें, किसी भी बाहरी व्यक्ति से लेन-देन न करें।
पुलिस प्रशासन ने बढ़ा दी निगरानी
थाना प्रभारी प्रसन्न शर्मा ने बताया कि “मेडिकल परिसर में अवैध गतिविधियों पर पुलिस की कड़ी निगरानी बनी हुई है और ऐसे तत्वों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। किसी भी व्यक्ति को अस्पताल परिसर में दलाली या अवैध लेन-देन की अनुमति नहीं दी जाएगी।”उन्होंने आगे कहा कि “एंबुलेंस संचालन से जुड़ी शिकायतें भी लगातार सामने आ रही हैं। जांच में यह बात सामने आई है कि कुछ प्राइवेट अस्पतालों की मिलीभगत से एंबुलेंस चालक मेडिकल के मरीजों को जबरन अपने अस्पतालों में भर्ती करवाने का प्रयास करते हैं। इस संबंध में थाना प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है और ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।”







