भोपाल: ऐशबाग में खुलेआम फायरिंग, कारतूस का ‘खोखा’ मिलने पर जांच शुरु

भोपाल: ऐशबाग में खुलेआम फायरिंग, कारतूस का ‘खोखा’ मिलने पर जांच शुरु
भोपाल, यशभारत। राजधानी में बदमाशों का आतंक चरम पर है। ताजा मामला ऐशबाग के सिकंदरी कुली इलाके से सामने आया है, जहाँ देर रात हथियारों से लैस बदमाशों ने एक घर को निशाना बनाते हुए फायरिंग की। चौंकाने वाली बात यह है कि शुरुआत में पुलिस ने गोली चलने की घटना से साफ इनकार कर दिया था, लेकिन मौके से चला हुआ कारतूस (खोखा) मिलने के बाद पुलिस को आनन-फानन में केस दर्ज कर जांच शुरू करनी पड़ी।
लोगों ने कारतूस दिखाकर किया खुलासा
पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों के अनुसार, देर रात कुछ बदमाशों ने एक घर पर हमला कर फायरिंग की। सूचना मिलने पर ऐशबाग थाने की पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन रात को गोली चलने की बात को सिरे से खारिज कर दिया।
पुलिस की यह लापरवाही तब उजागर हुई, जब अगली सुबह स्थानीय लोगों को घटनास्थल से चला हुआ कारतूस (खोखा) मिला। ठोस सबूत के साथ लोगों ने पुलिस को घेरा, जिसके बाद पुलिस बैकफुट पर आई और अपनी गलती स्वीकार करते हुए जांच का रुख बदला।
मामूली’ धाराओं में कार्रवाई पर सवाल
इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें बदमाशों की करतूत साफ तौर पर कैद है। फायरिंग की पुष्टि और सीसीटीवी फुटेज जैसे तमाम सबूतों के बावजूद, पुलिस द्वारा बदमाशों के खिलाफ सिर्फ मामूली धाराओं में प्रकरण दर्ज करने पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस बड़े और गंभीर अपराध को दबाने की कोशिश कर रही है।
थाना प्रभारी बोले: पहले ‘पटाखा विवाद’ बताया था
इस मामले में थाना प्रभारी विजय बहादुर सिंह सेंगर ने बताया कि “बीती रात पटाखे फोड़ने को लेकर मों सरीफ और तोफिक सिराज के बीच में विवाद हुआ था। रात में गोली चलने की जानकारी फरियादी ने नहीं दी थी। सुबह खाली कारतूस मिला है।” उन्होंने स्वीकार किया कि रात में मारपीट का मामला दर्ज किया गया था, लेकिन अब कारतूस मिलने के बाद (फोरेंसिक) टीम को बुलाकर जांच की जा रही है।







