ब्रेकिंग : पुलिस से हुई मुठभेड़ में कैमोर हत्याकांड के दोनों आरोपियों को लगी गोली, गंभीर हालत में भेजे गए जबलपुर

कटनी, यशभारत। देर रात पुलिस की घेराबंदी में कैमोर हत्याकांड के दोनों आरोपियों अकरम और प्रिंस जोसेफ गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस से उनका सामना कजरवारा के पास हुआ। एडिशनल एसपी संतोष डहरिया ने बताया कि पुलिस दल को देखते ही दोनों आरोपियों ने पुलिस के लोगों पर फायर कर दिया। जवाबी कार्यवाही में पुलिस की ओर से भी चार राउंड गोली चलाई गई। गोलीबारी में दोनों आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गए। इन्हें पुलिस की देखरेख में इलाज के लिए जबलपुर भेजा गया है। उल्लेखनीय है कल दिनदहाड़े दोनों आरोपियों ने भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के मंडल अध्यक्ष नीलू रजक की गोली मारकर हत्या कर दी थी। तब से केमोर में तनाव की स्थिति थी।

गौरतलब है कि नीलू रजक की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को चिन्हित किया था। एसपी अभिनय विश्वकर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में इस हत्याकांड को अंजाम देने में अकरम और प्रिंस नामक सामने आए । इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कड़ी नाकेबंदी कर दी। कैमोर से बाहर निकलने वाले रास्तों पर कड़ी चेकिंग की गई। एएसपी डॉ संतोष डहरिया ने बताया कि दोनों आरोपी कजरवारा में छिपे थे। यहां पुलिस से उनका सामना हुआ तो उन्होंने पुलिस पर गोलियां चलाना शुरू कर दिया। पुलिस के लोगों ने बचाव में जवाबी फायर किए। इस शॉर्ट एनकाउंटर में अकरम और प्रिंस दोनों घायल हो गए। दोनों को प्राथमिक चिकित्सा के बाद गंभीर हालत में जबलपुर भेज दिया गया है।
आरोपियों के कब्जे भी हटेंगे
कैमोर में मीडिया से बात करते हुए कल शाम कलेक्टर आशीष तिवारी ने बताया कि आरोपियों के मकान अगर अवैधानिक रूप से बने हैं तो सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार कार्यवाई होगी और नगर परिषद के जरिए कब्जे तोड़ने की प्रक्रिया शुरू करा दी जाएगी। आईजी प्रमोद वर्मा और डीआईजी अतुल सिंह भी पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए थे। घटना के बाद से ही पूरे कैमोर को एक तरह से पुलिस छावनी में बदल दिया गया। इस मामले में कैमोर थाना प्रभारी अरविंद चौबे और आरक्षक प्रेमशंकर पटेल को हटा दिया गया था। घटना के बाद से ही कैमोर में भारी आक्रोश व्याप्त था। लोग आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक शव का पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार भी कराने को तैयार नहीं थे। अंततः कड़ी नाकेबंदी के बीच पुलिस ने दोनों का शार्ट एनकाउंटर कर गिरफ्तार कर लिया। इस सनसनीखेज हत्याकांड के पीछे छेड़छाड़ और ‘लव जिहाद’ का विरोध मुख्य कारण बताया जा रहा है।







