
जबलपुर, यशभारत। शारदेय नवरात्र के समापन पर संस्कारधानी के शक्तिपीठों से माता के जयकारों के बीच जवारा जुलूस निकलता है तो भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ता है। इसी क्रम में रविवार की रात भक्तिमय माहौल में बूढ़ी खेरमाई मंदिर का जवारा विसर्जन जुलूस निकला। इसमें शामिल नुकीले बाना गालों व अन्य अंगों पर छेदने वाले भक्तों को देखने शहर उमड़ पड़ा। करीब 500 भक्तों ने माता का बाना छिदवाया। इनमें छोटे बच्चे भी शामिल थे।

महा राजराजेश्वरी धूमावती शक्तिपीठ की अधिष्ठात्री देवी बूढी खेरमाई का जवारा चल समारोह रविवार रात 7 :00 बजे मंदिर प्रांगण से प्रारंभ हुआ। चल समारोह मछरहाई, छोटा फवारा, तमरहाई चौक, दीक्षितपुरा, पांडे चौक, बड़ा फुवारा, सराफा, कोतवाली से होते हुए हनुमान ताल पहुंचा, जहां जवारे का विसर्जन किया गया।

इस जवारा चल समारोह में सैकड़ों बानो, कलश, ज्योति, खप्पर और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। जहां जवारों का विसर्जन किया गया।इस दौरान भारी सुरक्षा बल मौजूद था। जवारा चल समारोह में बूढ़ी खेरमाई के उपासक आदिवासी समुदाय की बड़ी संख्या में उपस्थिति थी। दूर दूर से आए लोगों ने माता के जवारों का दर्शन पूजन किया। जवारा समारोह को देखने मार्ग में दोनों तरफ बड़ी संख्या में श्रद्धालु खड़े रहे।







