दिल्ली में कांग्रेस जिलाध्यक्षों के नाम पर आज लगेगी मुहर, कटनी का नाम पहली ही सूची में आने की संभावना

कटनी, यशभारत। कांग्रेस नेताओं का इंतजार अब खत्म होने वाला है। सूत्र बता रहे हैं दिल्ली में आज होने वाली अहम बैठक में मध्यप्रदेश के कांग्रेस जिलाध्यक्षों की सूची पर मुहर लग सकती है। कटनी जिले के शहर और ग्रामीण जिलाध्यक्षों के नाम पहली सूची में आ जाने के संकेत मिले हैं। आज एमपी कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी भी मैहर जाते हुए कटनी से गुजरे। इस दौरान अध्यक्ष पद के दावेदारों ने उनका पुरजोर स्वागत किया। पटवारी ने भी संकेत दिए कि जल्द ही अध्यक्षों की घोषणा होने जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस नेताओं की नई दिल्ली में आज दोपहर बाद आयोजित बैठक में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी शामिल हो रहे हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं का कहना है कि आज जिला अध्यक्षों के नाम फायनल हो जाएंगे। उसके बाद 15 अगस्त से पहले कभी भी जिला अध्यक्षों के नामों की घोषणा की जा सकती है। मप्र में कांग्रेस के संगठनात्मक जिलों शहर व ग्रामीण की संख्या 70 है। अगर एक साथ सभी की घोषणा संभव नहीं हुई तो दो या तीन बार में भी सूची जारी हो सकती है, लेकिन कटनी जिले का नाम पहली ही सूची में आ जाएगा। यहां शहर अध्यक्ष का पद सवा साल से रिक्त है। दरअसल, संगठन सृजन अभियान के तत कांग्रेस ने जिला अध्यक्षों की नियुक्ति का पैटर्न बदल दिया है। वरिष्ठ नेताओं के दबाव में उनके समर्थकों को जिला अध्यक्ष बनाने के स्थान पर पार्टी सर्वे रिपोर्ट के आधार पर जिला अध्यक्ष नियुक्त कर रही है। प्रदेश में जिला और शहर कांग्रेस अध्यक्षों की नियुक्ति के लिए सभी केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने दो बार जिलों का सर्वे कर रिपोर्ट अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) को रिपोर्ट सौंप दी है।
दावेदारों ने कर लिए अंतिम प्रयास
कटनी में शहर और ग्रामीण अध्यक्ष पदों के लिए 50 से ज्यादा नेताओं की दावेदारी है। इनमें महिला नेत्रियों ने भी फॉर्म भरे हैं। कटनी आए पर्यवेक्षकों ने दोनों ही संगठनों के लिए जो 6- 6 नामों के पैनल तैयार किए थे उसमें पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और महिलाओं का प्रतिनिधित्व शामिल किया गया था। इसी पैनल पर पहले प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष से चर्चा हुई, इसके बाद नाम दिल्ली भेज दिए गए। दावेदारों ने दिल्ली तक अपने अपने स्तर पर प्रयास किए हैं। इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि नाम चौंकाने वाले होंगे, लेकिन सक्रियता ही खास पैमाना है। कटनी के मसले पर यह भी ध्यान रखा जा रहा है कि दोनों अध्यक्ष ऐसे हों जो स्थानीय प्रभावशाली नेताओं के प्रभाव में न आ सकें। 







