विधानसभा के इस सत्र में आएगा जन विश्वास बिल, 13 विभागों की 45 धाराओं के प्रावधान बदलेंगे

विधानसभा के इस सत्र में आएगा जन विश्वास बिल, 13 विभागों की 45 धाराओं के प्रावधान बदलेंगे
भोपाल, यशभारत। प्रदेश सरकार विधानसभा के इस स त्र में जन विश्वास बिल 2.0 लाने जा रही है। यह बिल पुराने और सख्त कानूनों को आसान बनाने की के लिए लाया जा रहा है। अहम बात यह है कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जो इस बिल का दूसरा चरण ला रहा है। इससे पहले जन विश्वास बिल 1.0 के तहत राज्य सरकार ने 5 विभागों के 8 कानूनों की 64 धाराओं में बदलाव किया था। अब बिल के दूसरे चरण में सरकार 13 विभागों के 23 कानूनों की कुल 45 धाराओं में संशोधन करने जा रही है। बिल का उद्देश्य आम जनता और उद्यमियों को अनावश्यक कानूनी झंझटों से राहत देना है। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर इन प्रस्तावित बदलावों पर चर्चा की और उन्हें अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बिल का मुख्य उद्देश्य सरकार की ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ नीति को और बेहतर बनाना है, ताकि आम नागरिकों और व्यापारियों को सरल और न्यायसंगत प्रक्रिया का लाभ मिल सके। इस बदलाव से छोटी-मोटी गलतियों पर अब जेल नहीं होगी, बल्कि दंड या जुर्माने का प्रावधान रहेगा। एंटी मीजल्स वैक्सीनेशन एक्ट 1968 को हटाया जाएगा। यह कानून खसरा वैक्सीन को अनिवार्य बनाता था। गृह विभाग का एनाटॉमी एक्ट भी बदला जाएगा। नगरीय प्रशासन विभाग की नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 208 और नगर निगम अधिनियम 1956 की धारा 195 में संशोधन होंगे। मोटरयान कर नियमों में बदलाव कर जुर्माने की जगह दंड का प्रावधान किया जाएगा।






