गंगा शुद्धिकरण और गाय संरक्षण के किए जा रहे प्रयासों में सुधार की आवश्यकता – 1990 से 1992 के दौरान प्रताडऩा का करना पड़ा था सामने

गंगा शुद्धिकरण और गाय संरक्षण के किए जा रहे प्रयासों में सुधार की आवश्यकता
– 1990 से 1992 के दौरान प्रताडऩा का करना पड़ा था सामने
भोपाल यशभारत। केंद्र सरकार ने गंगा शुद्धिकरण अैर प्रदेश सरकार गाय के संरक्षण के लिए प्रयास कर रही है। दोनों दिशाओं में बेहतर प्रयास है, लेकिन अभी इन दोनों क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है। यह बात प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमाभारती ने शुक्रवार को राजधानी में पत्रकारों से चर्चा के दौरान कही है। उमा भारती ने कहा है कि वे अब अपने परिवार से पूरी तरह से अलग हो रही हैं, लेकिन राजनीति में सक्रियता बनी रहेगी। उमा ने कहा है कि 1990 से 1992 के दौरान जिन सरकारों का दबाव था, उस समय उन्हें प्रताडऩा का सामना करना पड़ा था। उन्होंने यह भी बताया कि 2013 में जब व्यापमं घोटाला उजागर हुआ था, तब भी उनका नाम घसीटा गया और उन्हें उस समय भी मानसिक रूप से प्रताडि़त किया गया। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कहा है कि राजनीति में अब शुचिता आ चुकी है, लेकिन अफसरशाही में अभी इसकी कमी है। प्रदेश के आईएएस और आईपीएस अधिकारियों पर तंज कसते हुए कहा कि राजनीति की तरह शुचिता अपनानी चाहिए, तभी भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी। चर्चा के दौरान उमा भारती ने कहा कि अभी उनकी उम्र 75 वर्ष नहीं हुई है वे राजनीति में सक्रिय बनी रहेंगी। संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा उनके बयान को लकर जो बातें सामने आ रही हैं वे निराधार हैं।







