कापा समिति हेरा फेरी मामला – पहले ब्रांच मैनेजर फिर संदिग्ध खाते का बहोरीबंद हुआ ट्रांसफर, 7 दिनों में खाते से गायब हो गए 23 लाख रुपए
जिला सहकारी बैंक बहोरीबंद के ब्रांच मैनेजर देवेंद्र यादव की भूमिका सवालों के घेरे में


जबलपुर, यश भारत। मझौली की सेवा सहकारी समिति कापा मे 23 लाख रुपए के गोलमाल के मामले में अब परते एक-एक करके खुल रही हैं। यश भारत को मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार इस मामले में मझौली की जिला सहकारी बैंक के तत्कालीन ब्रांच मैनेजर देवेंद्र यादव की इस पूरी हेरा फेरी में भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। वर्तमान में देवेंद्र यादव जिला सहकारी बैंक बहोरीबंद के ब्रांच मैनेजर है जहां पर 23 लाख की राशि गलत खाते में जमा हुई है और इसके पहले मझौली बैंक के ब्रांच मैनेजर थे जिसके अंतर्गत कापा समिति आती है।
17 को मैनेजर बदला 23 को खाता ट्रांसफर
यश भारत को मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार विवेश बर्मन का खाता मझौली ब्रांच से बहोरीबंद ब्रांच में 23 अक्टूबर 2024 को ट्रांसफर किया गया था। जिसके लिए विवेश वर्मन द्वारा कोई भी आवेदन ब्रांच में नहीं दिया गया था। सिर्फ खाते का ट्रांसफर मझौली ब्रांच में पूर्व में प्रबंधक रहे देवेंद्र यादव के फोन करने पर कार्यालय के क्लर्क के द्वारा कर दिया गया था। वही देवेंद्र यादव 17 अक्टूबर 2024 तक मझौली ब्रांच में बतौर मैनेजर पदस्थ थे। इसके बाद उन्हें बहोरीबंद का ब्रांच मैनेजर बना दिया गया, जैसे ही देवेंद्र यादव बहोरीबंद पहुंचे उन्होंने सबसे पहले विवेक बर्मन का खाता फोन करके अपनी ब्रांच में ट्रांसफर करवा लिया हालांकि 17 अक्टूबर के भी कुछ ट्रांजैक्शन की जानकारी आ रही है जिसका खुलासा जल्द होगा। इसमें एक सवाल तो यह भी उठना है कि मझौली ब्रांच जबलपुर जिले में है और बहोरीबंद ब्रांच कटनी जिले में है फिर क्यों देवेंद्र यादव द्वारा बिना किसी खाता धारक के आवेदन के व्यक्तिगत रूप से खाते को ट्रांसफर करवाने के लिए फोन किया। कहीं देवेंद्र यादव ही इस खाते को नहीं चला रहे यह सवाल भी खड़ा हो रहा है।
संदिग्ध ही दे रहा दस्तावेज
23 लख रुपए के गोलमाल के मामले में जिला सहकारी बैंक मुख्यालय द्वारा जो जांच दल बनाया गया है। अब तो उसकी भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि प्रारंभिक बिंदुओं में ही जो व्यक्ति संदिग्ध दिख रहा है वह व्यक्ति ही पूरी जांच में दस्तावेज प्रस्तुत कर रहा है। जांच के दौरान बहोरीबंद के ब्रांच मैनेजर देवेंद्र यादव की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है उसके बाद भी उक्त व्यक्ति को ब्रांच में रखा गया है और उसके माध्यम से ही जांच दल को सभी दस्तावेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ऐसे में जांच दल और मुख्यालय में बैठे अधिकारियों की मनसा पर सवाल उठाना तो लाजिमी ही है।
खाते से 8 लाख नगद व 15 लाख ट्रांसफर
विवेश बर्मन के खाते में 23 जनवरी 2025 को विपणन संघ के एसबीआई कृषि उपज मंडी खाते से जो 23 लाख रुपए गलत तरीके से डाले गए थे उसमें से 5 लाख उसी दिन चेक के माध्यम से नगद निकाल लिए गए और फिर उसके बाद 27 जनवरी को 3 लाख दोबारा नगद निकाले गए जिसका विड्रोल चेक के माध्यम से हुआ था। उसके बाद 28 और 29 जनवरी को अलग-अलग अमाउंट किसी अन्य खाते में ट्रांसफर करे गए हैं जिसकी जानकारी जल्द ही सामने आएगी। यश भारत को मिली जानकारी के अनुसार 23 लख रुपए की राशि उक्त खाते में आने के पहले उसमें 2444 रुपए का बैलेंस था और फिर 29 जनवरी को भी उतना ही बैलेंस बचा जो यह साफ इशारा कर रहा है कि 23 लख रुपए की राशि इस खाते में किसी और व्यक्ति के द्वारा डलवाई गई थी जिसे अलग-अलग खातों में निकाल लिया गया और विवेश को सिर्फ मोहरा बनाया गया है। असल मे इस खाते का इस्तेमाल कोई और कर रहा है।
ऐसे निकल गई राशि-







