स्वामित्व योजना को लेकर राजस्व अधिकारियों का विरोध और पटवारियों की अरूचि, जिले में एक लाख पट्टाधारियों को मिलना है संपत्ति का मालिकाना हक

कटनी, यशभारत। राज्य सरकार द्वारा लागू की गई स्वामित्व अधिकार अभिलेख योजना के पहले दिन जिले में एक भी हितग्राही को इसका लाभ नहीं मिल सका है। इसके पीछे मुख्य कारण राजस्व अधिकारियों के साथ ही पटवारियों द्वारा योजना के क्रियान्वयन में रूचि नहीं लिया जाना है। बताया जाता है कि स्वामित्व अधिकार अभिलेख योजना की कठिनाइयों को लेकर मध्य प्रदेश राजस्व अधिकारी कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने विरोध का ऐलान कर दिया है तो वहीं दूसरी तरफ पटवारियों ने भी ज्ञापन सौपंकर इस योजना का काम करने से मना कर दिया है। जानकारी के मुताबिक कटनी जिले में इस योजना के अंतर्गत एक लाख 5 हजार हितग्राहियों का लाभांवित किया जाना है। राजस्व विभाग ने इसकी पूरी तैयारियां कर ली है। ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करने वाले ऐसे लोग, जो पिछले काफी शासकीय भूमि पर मकान बनाकर रह रहे हैं और उनके पास पट्टे हैं लेकिन जमीन का मालिकाना हक अब तक नहीं मिला है। शासन की इस योजना के तहत ऐसे पात्र हितग्राहियों की निजी संपत्तियों और पट्टाधारियों के अधिकार अभिलेखों का मुफ्त पंजीयन किया जाएगा लेकिन राजस्व अधिकारियों के विरोध और पटवारियों की अरूचि के चलते अब तक योजना पर क्रियान्वयन शुरू नहीं हो सका है। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना की शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा की गई है। इसके तहत निजी संपत्तियों और पट्टाधारियों के अधिकार अभिलेखों का मुफ्त पंजीयन किया जाएगा। पंजीयन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए स्टाम्प ड्यूटी और पंचायत उपकर पूरी तरह माफ किए गए हैं। प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए पंचायत स्तर पर सप्ताह में तीन दिन विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। पटवारी को निष्पादक और राजस्व अधिकारियों को उप पंजीयक की शक्तियां दी गई हैं। योजना से संपत्ति का पक्का और पंजीकृत मालिकाना दस्तावेज प्राप्त होगा। मालिकाना हक होने पर बैंक से गृह निर्माण या व्यवसाय के लिए बेहद आसानी से लोन मिल सकता है। संपत्ति के अधिकार स्पष्ट होने से आपसी विवादों और धोखाधड़ी की संभावना कम होती है।







