उमरिया। जिले के संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र में कार्यरत एक श्रमिक दुर्घटना का शिकार हो गया। उक्त श्रमिक जीवन और मृत्यु से जुझ रहा है। घटना के संबंध में बताया जाता है कि, प्लांट में एक श्रमिक 12 फीट की उचाई पर कार्य करते हुए बिजली के करंट लगने से ऊपर से गिर गया। जिसके बाद उसे तत्काल परियोजना स्थित चिकित्सालय लाया गया। जिसके बाद मजदूर की हालात गंभीर होने के कारण शहडोल के लिए रिफर कर दिया गया। हादसे का शिकार हुए मजदूर की पहचान ओमप्रकाश सिंह (27 वर्ष) पिता नत्थू सिंह, निवासी वार्ड क्रमांक 4 नौरोजाबाद के रूप में हुई है, जो ठेकादार के अधीन कार्य कर रहा था।
बताया गया है कि, यह घटना सीएचपी (कोल हैंडलिंग प्लांट) साइड की है, जहां प्लेट लगाने का काम चल रहा था। इसी दौरान वेल्डिंग करते समय अचानक करंट का झटका लगने से श्रमिक का संतुलन बिगड गया और वह कार्य स्थल से नीचे गिर गया। गिरने के बाद वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इस हादसे ने एक बार फिर संजय गांधी ताप परियोजना की सुरक्षा और व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिया है। सूत्र बताते हैं कि, संजय गाँधी ताप परियोजना में श्रमिकों की सुरक्षा को दांव पर लगाकर उन्हें मरने और जीने के लिये छोड़ दिया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था केवल कागजी खानापूर्ति की रह गयी है। जिसके घातक दुष्परिणाम मजदूरों की अपनी जान देकर चुकानी पड़ती है।
यह कोई पहली दुर्घटना नहीं है, जिससे परियोजना की सुरक्षा व्यवस्था को उजागर करके रख दिया है। बताया जाता है कि, मजदूरों को जोखिम भरे काम कराये जाने के लिए भी जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए जाते। यहां तक कि, कई मजदूरों को बुनियादी सेफ्टी गियर, जैसे: सेफ्टी शूज तक पिछले वर्षों से मुहैया नहीं कराये जाते। अनवरत रूप से घटित दुर्घटनाओं के बाबजूद उच्च प्रबंधन का कोई ठोस कार्यवाही न किया जाना, कई सवालों को जन्म देता है। परियोजना की सुरक्षा व्यवस्था को यदि समय रहते नहीं सुधारा गया तो, आने वाला कल और भी भयावह हो सकताn है।
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