विवादित महिला निरीक्षक की तीसरी बार कटनी में पोस्टिंग, मुख्यमंत्री के निर्देशों की धज्जियां उड़ा रहे पुलिस विभाग के आला अधिकारी, सीएसपी आवास कांड के बाद जबलपुर में किया था अटैच

कटनी, यशभारत। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के सख्त निर्देशों को पुलिस मुख्यालय भोपाल के आला अधिकारी ही पलीता लगा रहे हैं। ताजा मामला कटनी के बहुचर्चित सीएसपी आवास कांड से जुड़ा हुआ है। जिस विवादित महिला थाना प्रभारी मंजू शर्मा को स्वयं मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने ट्वीट करते हुए कटनी से बाहर करने का आदेश दिया था, उसी अफसर को पुलिस विभाग के अधिकारियों ने नियमों को ताक पर रखकर तीसरी बार फिर कटनी जिले में पदस्थ कर दिया है। यह सीधे-सीधे मुख्यमंत्री के आदेश की अवहेलना और चुनौती है। हाईकोर्ट के एडवोकेट देवेन्द्र शर्मा द्वारा मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव गृह, डीजीपी, विशेष डीजी प्रशासन और एडीजी को भेजी गई शिकायत में कहा है कि तत्कालीन महिला थाना प्रभारी मंजू शर्मा पर सीएसपी आवास कांड में एक अधिकारी के घर महिलाओं और मासूम बच्चे के साथ बर्बरता करने, डीआईजी जबलपुर द्वारा 5000 रुपये जुर्माना लगाने, उमरिया में दंडित होने और कटनी में पत्रकारों से अभद्रता करने जैसे गंभीर आरोप हैं। डीजी प्रशासन के स्पष्ट निर्देश थे कि विवादित थाना प्रभारियों को फील्ड पोस्टिंग न दी जाए, इसके बावजूद पुलिस मुख्यालय के अफसरों ने मिलीभगत कर इन्हें जबलपुर महिला थाना और फिर कटनी में पदस्थ कर दिया। इससे साफ है कि पुलिस विभाग के आला अधिकारी मुख्यमंत्री के जीरो टॉलरेंस और सुशासन के निर्देशों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। अब सवाल उठ रहा है कि क्या मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने ही आदेश की अवहेलना करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई करेंगे। आखिर कटनी में ऐसा क्या है कि तीसरी बार कटनी में स्थानांतरण करवाया गया है। शिकायत में बताया गया है कि महिला थाना प्रभारी की विवादित कार्यप्रणाली के कारण इनके विरूद्ध दो परिवाद दायर हो चुके है।







