बड़ी खबर : बाढ़ प्रभावितों को राहत : अब तक 3074 प्रभावितों को 1 करोड 58 लाख 64 हजार रूपये की सहायता स्वीकृत, चित्रकूट में स्वास्थ्य सुविधाओं सफाई और बिजली बहाली का काम जारी…. देखें पूरा वीडियो

सतना यश भारत। जिले में अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन द्वारा युद्धस्तर पर राहत एवं जनसुविधाओं के पुनर्बहाली कार्य किए जा रहे हैं। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस के नेतृत्व में राजस्व विभाग सहित विभिन्न विभागों की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार सर्वेक्षण और राहत कार्यों में जुटी हैं। जिले में 6 सितंबर 2026 तक 3074 प्रभावित परिवार के प्रकरणों में 1 करोड़ 58 लाख 64 हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत कर वितरित की जा रही है। चित्रकूट-मझगवां क्षेत्र में बाढ़ से अधिक प्रभावित परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर सहायता उपलब्ध कराई गई है। मझगवां-चित्रकूट क्षेत्र में 1514 प्रकरणों में 76 लाख 89 हजार रुपये की सहायता वितरित हुई है। इनमें पानी भरने से राशन, कपड़े और बर्तन आदि की क्षति के 1486 प्रकरणों में 75 लाख 70 हजार रुपये, जबकि 28 मकानों की आंशिक क्षति के लिए 1 लाख 19 हजार रुपये की सहायता शामिल है। जिले की अन्य तहसीलों में भी प्रभावितों को आर्थिक सहायता दी गई है।
रामपुर बाघेलान में 279 प्रकरणों में 18 लाख 40 हजार रूपये स्वीकृत किये गये है। जिनमें दो जनहानि के प्रकरणों में 8 लाख रूपये की सहायता भी शामिल है। तहसील नागौद में 261 प्रकरणों में 16.35 लाख स्वीकृत किये गये है। जिनमें 1 जनहानि के प्रकरण में 4 लाख रूपये स्वीकृत किये गये है। तहसील कोठी में 360 प्रकरणों में 15..30 लाख रूपये की स्वीकृत की गई है। जिनमें 90 प्रकरण सामग्री क्षति के शामिल है। रघुराजनगर में 164 प्रकरणों में 12.70 लाख स्वीकृत किये गये हैं जिनमें जनहानि के 2 प्रकरण में 8 लाख रूपये स्वीकृत किये गये है। तहसील बिरसिंहपुर में 172 प्रकरणों में 7.79 लाख, तहसील उचेहरा के 224 प्रकरणों में 7.61 लाख तथा कोटर तहसील में 72 प्रकरणों में 3.60 लाख रुपये की सहायता स्वीकृत की गई है। राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के संसोधित प्रावधानों के अनुसार अब तक खाद्य, वस्त्र, सामग्री के नष्ट होने पर 1907 प्रकरणों में 94 लाख 76 हजार, आंशिक मकान क्षति पर 1162 प्रकरण में 43 लाख 88 हजार, जनहानि के 8 प्रकरणों में 20 लाख रूपये सहित कुल 3074 प्रकरण में 1 करोड 58 लाख 64 हजार रूपये की सहायता स्वीकृत की गई है।
भरत घाट पर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने किया श्रमदान
चित्रकूट के भरत घाट में बाढ़ के बाद जमा सिल्ट और बालू की सफाई में जनप्रतिनिधियों और प्रशासन ने मिलकर श्रमदान किया। जिला पंचायत सदस्य बरौंधा संजय सिंह और उनकी टीम ने सफाई कार्य की कमान संभाली। अपर कलेक्टर विकास सिंह और सीईओ जिला पंचायत शैलेंद्र सिंह ने भी श्रमदान कर स्वच्छता अभियान में सहभागिता की। बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए विभिन्न संस्थाओं और समाजसेवियों ने राहत सामग्री उपलब्ध कराई। केईसी इंटरनेशनल सतना द्वारा 3000 कंबल, 200 साड़ियां, 200 बच्चों के कपड़े, 2800 पानी पाउच और 1000 पारले बिस्किट पैकेट सुनीता सिंह बल्लारपुर (महाराष्ट्र) और ममता सिंह इंदौर द्वारा 100-100 पैकेट नमकीन और एनवीडीएम नागौद फलौदी कंस्ट्रक्शन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा.लि. द्वारा 450 कंबल और 280 साड़ियां दी गईं। जिला प्रशासन ने 20 बोरी चावल, 40 बोरी आटा और 5 क्विंटल दाल उपलब्ध कराई, जबकि एमपीईबी ने तिरपाल और अंडरगारमेंट्स प्रदान किए। प्राप्त सामग्रियों में से कंबल, साडी सेट, अण्डर गारमेन्टस, तौलिया की किट तैयार कर प्रभावित परिवारों को वितरित किया गया। इसके साथ खाने-पानी की सामग्री भी वितरित की गई। चित्रकूट के बाढ प्रभावितों के लिए जिला कोषालय सतना और उद्यानिकी कार्यालय द्वारा भी खाद्य सामग्री एवं महिलाओं के कपडे प्रदान किये गये हैं। प्रतिदिन की तरह दीनदयाल शोध संस्थान, सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट और दीनदयाल अंत्योदय रसोई द्वारा भोजन पैकेट वितरित किए जा रहे हैं। संतोषी अखाड़ा और आचार्य आश्रम, श्री मदन गोपाल दास आश्रम प्रथम मुखार बिंदु द्वारा भी प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की जा रही है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग का घर-घर सर्वे कार्य पूरा हो चुका है। इसके अलावा 5 सितंबर को निगरानी के दौरान 9 सामान्य मरीजों को दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए विभागीय कर्मचारियों के साथ शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय सतना के इंटर्न चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है। प्रभावित क्षेत्रों में फॉगिंग, मलेरिया रोधी गतिविधियां और पेयजल शुद्धिकरण का कार्य भी किया जा रहा है। नागरिकों को पानी उबालकर पीने की सलाह दी गई है। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र चित्रकूट (नयागांव) में 24 घण्टे स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हैं।
चार ट्रांसफार्मर प्रभावित, बिजली बहाली का काम जारी
अधीक्षण यंत्री विद्युत ने बताया कि बाढ़ के कारण वर्तमान में 4 ट्रांसफार्मर प्रभावित हैं, जिससे 272 उपभोक्ताओं की विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई है। करीब 42 विद्युत पोल की लाइन बाढ़ में बह गई है, जिनके पुनर्निर्माण और लाइन बहाली का कार्य जारी है। विद्युत विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। नयागांव राघव प्रयाग घाट में 11 केवी लाइन खडी करने का कार्य प्रगति पर है जबकि पुरानी लंका में लाइन सही करके डूबे डीटीआर को बदल कर चार्ज करने के सप्लाई बहाल कर दी गई है।







