महालक्ष्मी धाम में चोरी से अधारताल में आक्रोश,शटरें बंद, देखे वीडियो ….
मौन जुलूस निकालकर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग

जबलपुर, यशभारत। कलचुरी कालीन ऐतिहासिक एवं धार्मिक आस्था के प्रमुख केंद्र माता महालक्ष्मी धाम पचमठा मंदिर में हुई चोरी की घटना के विरोध में श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। माता महालक्ष्मी धाम समिति के बैनर तले आंदोलन के अगले चरण में सोमवार को अधारताल बंद रखा गया। बंद के दौरान श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों ने मौन जुलूस निकाला तथा हाथों पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के माध्यम से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मंदिर में चोरी की घटना के दौरान आरोपियों ने माता महालक्ष्मी की मूर्ति को ले जाने का प्रयास किया। इस दौरान मूर्ति खंडित होने की बात भी सामने आई है। श्रद्धालुओं का कहना है कि यह घटना केवल चोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि धार्मिक भावनाओं और क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत से जुड़ा गंभीर मामला है। उन्होंने प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कर आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की।
मौन जुलूस निकालकर जताया विरोध
अधारताल बंद के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु, व्यापारी और क्षेत्रवासी मौन जुलूस में शामिल हुए। लोगों ने काली पट्टी बांधकर घटना के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि माता महालक्ष्मी धाम लंबे समय से क्षेत्र की धार्मिक आस्था का केंद्र रहा है और कलचुरी कालीन विरासत से भी इसका विशेष महत्व जुड़ा है। ऐसे स्थान पर हुई घटना को लेकर प्रशासन को त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।
प्रदर्शन में पार्षद बाबा श्रीवास्तव, पार्षद विमल राय, पार्षद महेश राजपूत, वरिष्ठ समाजसेवी दिनेश ताम्रकार, डॉ. राजेश जायसवाल, मनीष अग्रहरि, व्यापारी संघ अध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव, सुबोध पहारिया, अमित तिवारी, आशीष श्रीवास्तव, दीपक द्विवेदी, तपन सेन गुप्ता, आकाश रजक, परिमल चतुर्वेदी, विनय यादव, पुष्कल शर्मा, गुल्लू दुबे एवं आनंद बिहारी जायसवाल सहित बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।
जल्द गिरफ्तारी का पुलिस ने दिया भरोसा
प्रदर्शन को देखते हुए अधारताल क्षेत्र में सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस अधिकारियों ने भी मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर रखी। अधारताल थाना प्रभारी विपिन ताम्रकार ने बताया कि पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय के निर्देश पर मामले की जांच के लिए सात पुलिस टीमें गठित की गई हैं। इनमें साइबर सेल, फॉरेंसिक, क्राइम ब्रांच सहित अन्य टीमें शामिल हैं। थाना प्रभारी ने बताया कि गठित सभी टीमें अपने-अपने स्तर पर मामले की जांच कर रही हैं और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि पुलिस मामले को गंभीरता से ले रही है और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों ने भी पुलिस से शीघ्र कार्रवाई की उम्मीद जताई है।







