ट्विशा शर्मा डेथ केस: दो पीएम रिपोर्टों में विरोधाभास, वकील ने सीबीआई की चार्जशीट पर उठाए सवाल

ट्विशा शर्मा डेथ केस: दो पीएम रिपोर्टों में विरोधाभास, वकील ने सीबीआई की चार्जशीट पर उठाए सवाल
भोपाल, यशभारत। राजधानी भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा डेथ केस में अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। मामले में तैयार की गई दो अलग-अलग पोस्टमार्टम रिपोर्टों में ट्विशा के शरीर पर पाई गई चोटों की वजह को लेकर भिन्न-भिन्न दावे सामने आए हैं। सीबीआई द्वारा अदालत में चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद बचाव पक्ष के वकील अंकुर पांडेय ने इन रिपोर्टों के विरोधाभास पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
जानकारी के अनुसार, भोपाल एम्स की शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका के बाएं हाथ और कलाई पर नीले निशान मिलने का उल्लेख था। डॉक्टरों ने इन निशानों को एक से तीन दिन पुराना बताते हुए एंटी-मॉर्टम (मौत से पहले की) इंजरी करार दिया था और संघर्ष की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया था। इसके विपरीत, दिल्ली एम्स की रिपोर्ट में इन्हीं चोटों की व्याख्या अलग तरीके से की गई और इन्हें शव को एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाने के दौरान लगी क्षति से जोड़ा गया। सीबीआई ने अपनी चार्जशीट के अंतिम निष्कर्ष में दिल्ली एम्स की रिपोर्ट को ही मुख्य आधार बनाया है।
वकील अंकुर पांडेय का सवाल है कि जब दो प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थानों की रिपोर्ट में चोटों की वजह को लेकर स्पष्ट मतभेद था, तो अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचने से पहले इस विरोधाभास को आधिकारिक तौर पर स्पष्ट क्यों नहीं किया गया। हालांकि, दोनों ही रिपोर्टों में मौत के मुख्य कारण पर सहमति जताई गई है, जिसमें फांसी लगाने से दम घुटने को मौत की वजह माना गया है और मामले को आत्महत्या से जोड़ा गया है।
अब शरीर पर मौजूद चोटों की वास्तविक वजह और इस तकनीकी विरोधाभास का निपटारा अदालत में होने वाली आगामी सुनवाई और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।







