लेडी डॉक्टर पर कस रहा विभागीय शिकंजा, फर्जी हस्ताक्षर और अनुशासनहीनता पर विगढ़ बीएमओ ने की कार्रवाई की मांग

कटनी, यशभारत। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विजयराघवगढ़ में पदस्थ बॉन्ड डेंटिस्ट डॉ. मुस्कान सोनी पर प्रशासनिक शिकंजा कसता जा रहा है। पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड को लेकर सोशल मीडिया पर विवादित टिप्पणी के बाद डॉ. सोनी अब विभागीय अनियमितताओं और लापरवाही के आरोपों में घिर गई हैं। बीएमओ ने उनके खिलाफ अनुशासनहीनताए अनधिकृत गैरहाजिरी और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना का आरोप लगाते हुए उच्च अधिकारियों को कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है। बीएमओ द्वारा जारी पत्र के अनुसार डॉ. मुस्कान सोनी पदस्थापना के बाद से कभी भी नियमित रूप से ओपीडी और अन्य विभागीय दायित्वों पर उपस्थित नहीं रहीं। बिना पूर्व सूचना गैरहाजिर रहने पर उन्हें कई बार कारण बताओ नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं। जून 2025 से अक्टूबर 2025 के बीच डॉ सोनी द्वारा प्रतिदिन दस्तखत करने के बजाय एक ही बार में पूरे महीने के हस्ताक्षर करने का मामला उजागर हुआ है। लगातार गैरहाजिर रहने के बावजूद वेतन जारी कराने के लिए उन्होंने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराकर प्रशासनिक दबाव बनाने का प्रयास किया। कलेक्टर और सीएमएचओ के समक्ष सुनवाई में बीएमओ उपस्थित हुए लेकिन वे गैरहाजिर रहीं। बीएमओ ने स्पष्ट किया है कि यह आचरण मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का सीधा उल्लंघन है और मानदेय का भुगतान केवल सार्थक उपस्थिति के आधार पर ही नियमानुसार संभव है। विभागीय कार्रवाई से पहले डॉ मुस्कान सोनी ने महिला थाने में सीएमएचओ और बीएमओ के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि दोनों अधिकारी उन्हें मानसिक रूप से प्रताडि़त करते हैं, अभद्रता करते हैं और उनका महीनों का वेतन रोक कर रखा है। दूसरी ओर सीएमएचओ डॉ राज सिंह ठाकुर ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज किया। उन्होंने कहा कि विभागीय नियमों के तहत कार्रवाई की जा रही है और चिकित्सक द्वारा लगाए गए आरोप केवल प्रशासनिक दबाव बनाने का एक तरीका हैं।







