फर्जी दस्तावेजों से सिम एलॉट कराकर सायबर ठगी, माधवनगर पुलिस ने किया मामले का खुलास, पीओएस एजेंट गिरफ्तार, एक फरार आरोपी की तलाश

कटनी, यशभारत। माधवनगर पुलिस ने फर्जी सिम जारी करने वाले पीओएस एजेंट के विरुद्ध कार्रवाई की है। आरोपी युवक लोगों से आधार कार्ड लेकर सिम एलॉट करवाता था और उसे बेच देता था। इस सिम से सायबर ठगी के मामले सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच की और आरोपी को गिरफ्तार किया है। माधवनगर थाना प्रभारी शैलेन्द्र सिंह यादव ने बताया कि सायबर ठगी के मामले की जांच की जा रही थी। जिसमे फर्जी सिम होने की बात सामने आई। एक-एक कड़ी को जोड़ते हुए पुलिस ने मामले का खुलासा किया। पुलिस को पता चला कि खेरमाई मंदिर के पास लखेरा निवासी पीओएस एजेंट आकाश गुप्ता द्वारा दो व्यक्तियों की सहमति के बिना धोखे एवं प्रलोभन के माध्यम से उनके नाम, पता, आधार कार्ड, फोटो एवं फिंगरप्रिंट प्राप्त कर फर्जी सिम जारी कर अन्य व्यक्तियों को बेची। आरोपी ने पूनम बेन पति नीलेश बेन निवासी महाराणा प्रताप वार्ड एवं अंजुम परवीन पति मोहम्मद फारुख अंसारी निवासी रामनिवास वार्ड के नाम से फर्जी तरीके से धोखाधडी पूर्वक सिम एलॉट कराकर अन्य व्यक्ति को बेच दी। उक्त सिमों से अन्यत्र सायबर फ्रॉड होना पाया गया। मामले की जांच एवं संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ करने पर यह तथ्य सामने आया कि आरोपी पीओएस एजेंट आकाश गुप्ता माधवनगर एवं आसपास के क्षेत्रों में घूम-घूमकर लोगों को गुमराह करता था तथा उनकी सहमति के बिना धोखे एवं प्रलोभन के माध्यम से उनके नाम, पता, आधार कार्ड, फोटो एवं फिंगरप्रिंट प्राप्त कर फर्जी सिम जारी कर अन्य व्यक्तियों को बेचता था।
पूछताछ में हुआ खुलासा
माधवनगर पुलिस एवं साइबर टीम द्वारा आरोपी आकाश गुप्ता को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान आरोपी द्वारा लगातार तथ्यों को छिपाने का प्रयास किया गया। पुलिस द्वारा पूछताछ करने पर आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार किया जिस पर आरोपी के विरुद्ध माधवनगर थाने में धारा 318 (4), 316 (2) एवं 66 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। विवेचना के दौरान दूरसंचार अधिनियम 2023 की धारा 42 (3) एवं 42 (6) का इजाफा किया गया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक नग बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट मशीन, दो एंड्राइड नग मोबाइल, एक की-पैड मोबाइल, एक नग एडाप्टर, 98 नग मोबाइल सिम बरामद की है। पूछताछ के दौरान आरोपी द्वारा अपने एक अन्य साथी को भी फर्जी सिम उपलब्ध कराना बताया गया है। उक्त साथी की तलाश एवं गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम गठित कर रवाना की गई है।
इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका
कार्रवाई में टीआई शैलेन्द्र सिंह यादव, उप निरीक्षक योगेश मिश्रा, प्रधान आरक्षक विनोद विश्वकर्मा, प्रधान आरक्षक आशीष श्रीवास, आरक्षक लोकेन्द्र सिंह, आरक्षक मणी सिंह, आरक्षक मयंक सिंह तथा साइबर सेल से प्रधान आरक्षक विभांशु कोरी, आरक्षक दीपक एवं जिला साइबर टीम की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही।







