मानसून में हुई देरी तो कटनी नदी से 20 जून तक हो पाएगी जलापूर्ति, हर रोज कम हो रहा 4 से 5 इंच पानी, जलस्तर में गिरावट, 45 वार्डों में 24.5 एमएलडी पानी की सप्लाई कर रहा नगर निगम

कटनी, यशभारत। लगातार पड़ती भीषण गर्मी की वजह से कटनी नदी का जलस्तर हर दिन कम हो रहा है। रोज 4 से 5 इंच पानी कम हो रहा है। स्थिति यह है कि कटनी नदी के कटाएघाट स्थित बैराज में अब केवल 6 फीट पानी बचा है, जिससे केवल 20 जून तक ही शहर में पेयजल आपूर्ति की जा सकेगी। नगर निगम के जलप्रदाय विभाग द्वारा शहर के सभी 45 वार्डों में हर दिन करीब 24.5 एमएलडी पानी की सप्लाई की जा रही है। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि मानूसन में देरी हुई तो फिर पेयजल संकट की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। इससे निपटने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं बनाई जा रही है। खदानों के पानी को उपयोग में लाया जा सकता है।
गौरतलब है कि नगर निगम सीमा के अंतर्गत आने वाले 45 वार्डों में कटनी नदी के कटाएघाट स्थित बैराज से जलापूर्ति की जाती है। इसके अलावा जिन वार्डों में पानी की समस्या ज्यादा है, वहां दोपहर के समय ट्यूवबैल के माध्यम से भी जलापूर्ति की जाती है। शहर के कुछेक वार्डों में हर साल की तरह इस साल भी पानी की समस्या से लोग परेशान होते हुए दिखे। भट्ठा मोहल्ला के अंतर्गत आने वाले वार्डों के साथ ही उपनगरीय क्षेत्रों और बस्तियों में लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ा। इन इलाकों में यह हर साल की कहानी है। नलों में पानी की सप्लाई नहीं होने के चलते लोगोंं को या तो हैडपंपों या फिर कुंओं पर निर्भर होना पड़ा। हर वार्ड में पानी की टंकी बनने के बाद भी पेयजल आपूर्ति को लेकर कोई खास फर्क नहीं पड़ा। कई जगहों पर टंकियों से जलापूर्ति नहीं होने की खबरें भी सामने आई। इसके बाद भी नगर निगम का दावा है कि पिछले सालों की तुलना में इस साल उतनी समस्या नहीं हुई।
इमलिया खदान का पानी बना सहारा
जानकारी के मुताबिक कटनी नदी के कटाएघाट स्थित बैराज में पानी कम होने के बाद शहर के कुछेक वार्डों में पिछले तीन इमलिया खदान के पानी से जलापूर्ति की जा रही है। जिससे नगर निगम को काफी राहत मिली है। बताया जाता है कि 20 जून के बाद यदि यदि बैराज के पानी में गिरावट आती है तो इसके बाद विश्वकर्मा खदान का पानी भी उपयोग मेंं लाया जा सकता है। इसके अलावा शहर में दो दिन में एक बाद जलापूर्ति करने पर भी विचार किया जा सकता है।







