आपत्ति के बावजूद कैसे हो गया जमीन का नामांतरण, एएसपी जबलपुर ने कटनी पहुंचकर कई बिन्दुओं पर शुरू की पड़ताल, गिरफ्तारी के लिए बनाई गईं टीमें, कई शहरों में दबिश

ेकटनी, यशभारत। हत्या के आरोपी से जमीन सौदेबाजी के मामले में सीएसपी नेहा पच्चीसिया सहित तीन पर एफआईआर दर्ज होने के बाद अब उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने प्रयास तेज कर दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक पुलिस की अलग-अलग टीमें आरोपियों की तलाश के लिए निकल चुकी हैं। यह भी पता चला है कि पुलिस ने राजस्थान में भी कई ठिकानों पर दबिश दी है हालांकि अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी की खबर नहीं आई है। उधर दूसरी तरफ मामले की जांच कर रही एएसपी अंजना तिवारी ने शनिवार को कटनी पहुंचकर मामले से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर पड़ताल की। उन्होंने सीएसपी ऑफिस में दस्तावेजों की जानकारी ली और हत्या के प्रकरण और कथित जमीन सौदे से जुड़े स्थानों का निरीक्षण करते हुए कन्हवारा स्थित उस जमीन का भी जायजा लिया, जहां से पूरे घटनाक्रम की शुरुआत हुई। विदित हो कि आईजी प्रमोद वर्मा ने इस मामले में आगे की जांच का जिम्मा जबलपुर में पदस्थ एएसपी अंजना तिवारी को सौंपा है। इस पूरे मामले में अब जमीन के नामांतरण को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। राजस्व विभाग की भूमिका पर उंगली उठ रही है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आपत्ति के बावजूद जमीन का नामांतरण कैसे हो गया। आरोप है कि जमीन के नामांतरण के खिलाफ हत्या के आरोपी की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई थी लेकिन बिना सुने ही नामांतरण कर दिया गया। इस पूरी प्रक्रिया में राजस्व विभाग के कतिपय अधिकारियों के साथ ही कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। इस सबके बीच यह भी पता चला है कि जिस समय सीएसपी नेहा पर एफआईआर हो रही थी, उस समय वे भोपाल में ट्रेनिंग में थी और खबर मिलते ही वे टे्रनिंग बीच में छोडक़र निकल गईं।
जबलपुर और भोपाल में तलाश
पुलिस ने सीएसपी नेहा पच्चीसिया सहित तीनों आरोपियों क्षितिजराज बारापात्रे और मारूफ अहमद हनफी की गिरफ्तारी के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। इसके लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं। एक टीम को राजस्थान तक भेजा गया है। नेहा पच्चीसिया की जबलपुर और भोपाल में भी तलाश की जा रही है। आसपास के कुछ अन्य शहरों में भी आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश देने की बात सामने आई है।
कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका
सीएसपी नेहा पच्चीसिया को फिलहाल कोर्ट से भी कोई राहत नहीं मिली है। नेहा पच्चीसिया और उनके करीबी क्षितिज राज बारापत्रे की ओर से अग्रिम जमानत के लिए न्यायालय में आवेदन दिया गया था, लेकिन शनिवार को उस पर सुनवाई नहीं हो सकी। मामले में सुनवाई के बाद ही यह पता चल पाएगा कि आरोपियों को अग्रिम जमानत मिलेगी या नहीं। जानकारी के अनुसार न्यायालय में पेश की गई केस डायरी में भ्रष्टाचार से संबंधित धाराएं बढऩे के कारण प्रकरण अब स्पेशल न्यायालय के समक्ष विचारण के लिए भेजा गया है। आरोपियों की अग्रिम जमानत अर्जी विशेष कोर्ट ही सुनेगा। मामले में सोमवार को सुनवाई होने की संभावना है।
यह लगे हैं आरोप
सीएसपी नेहा पच्चीसिया पर हत्या के एक मामले में दबाव बनाकर एक करोड़ की जमीन अपने करीबी के नाम पर महज 18 लाख रुपए में खरीदने का आरोप है। जांच में सामने आया कि उन्होंने हत्या के आरोपी रमेश लोधी को दो दिनों तक अपने सरकारी आवास में ही रखा। रजिस्ट्री कराने के लिए सीएसपी उसे अपनी सरकारी गाड़ी से ही ले गई और बाद में उसे जेल भेज दिया।







