मन मोह रही श्रीकृष्ण की लीलाएं, शहर में यशोदानंदन के जन्मोत्सव का उत्साह, मंदिरों में झांकियां बनीं जनाकर्षण का केन्द्र, सत्यनारायण मंदिर में मेले का आयोजन, शाम से उमड़ेगी भीड़

कटनी, यशभारत। यशोदानंदन भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव पर्व जन्माष्टमी आज शहर में धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर मध्यरात्रि रोहिणी नक्षत्र में नटखट कन्हैया का जन्म होगा और इसके बाद सारा आलम नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैयालाल…की के गगनचुम्बी जयघोषों से गंूज उठेगा। जिले भर में आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की धूम मची हुई है। इस अवसर पर शहर के प्रसिद्ध श्री सत्यनारायण मंदिर में परंपरानुसार एकदिवसीय मेले का भी आयोजन किया गया है। यहां जन्माष्टमी के पर्व पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। इस बार खास तौर पर ब्रम्हकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा नटखट कन्हैया की जीवनलीला पर आधारित चलित झांकी प्रस्तुत की जा रही है। इसी तरह शहर के अन्य मंदिरों में पर्व को लेकर विशेष झांकियां सजाई गई हैं। इन अनुपम झाँकियों श्रद्धालु शाम 6 बजे के बाद दर्शन करेंगे। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हर साल भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। मान्यता है कि आज वही तिथि है, जब भगवान विष्णु ने द्वापर युग में भगवान कृष्ण के रूप में अपना आठवां अवतार लिया था। ज्योतिष गणना के अनुसार यह भगवान श्रीकृष्ण का 5253वां जन्मोत्सव है।
इन मंदिरों में होंगे विविध आयोजन
शहर के सबसे पुराने बरही रोड स्थित सत्यनारायण मंदिर, श्री महालक्ष्मी मंदिर, श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर, गोविन्द देव जी मंदिर, जगन्नाथ मंदिर, दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर, कांच मंदिर, कटायेघाट में मुरली मनोहर मंदिर, बड़़े हनुमानजी मंदिर चाका, मघई मंदिर, चंडिका मंदिर कुठला, माधवनगर स्थित मेहड़ दरबार, श्री राधाकृष्ण मंदिर सहित शहर के विभिन्न मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर मनमोहक झाकियां सजाई गई है। कुछ मंदिरों जीवंत झांकियों की प्रस्तुति के साथ अन्य झांकियां भी सजाई गई है। मंदिरों मेंं भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य महोत्सव मध्यरात्रि 12 बजे से मनाया जाएगा। डन कॉलोनी स्थित श्री गणेश सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में शाम की आरती, सुंदरकांड पाठ, भजन संध्या और श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का आयोजन किया जाएगा।
फूलों से सजाया मिनी वृन्दावन धाम
ग्राम बांधा इमलाज स्थित प्रसिद्ध वृन्दावन धाम में देर रात भगवान बांके बिहारी का जन्म उत्सव मनाया जाएगा। पूरे मंदिर परिसर को फूलों से सजाया गया है, जिसके लिए विशेष तैयारियां की गई है। यहां सुबह से ही हवन पूजन भोग भंडारे का कार्यक्रम चल रहा है। सुबह 7 बजे भगवान का पूजन अभिषेक किया गया। दोपहर से रात तक भजन कीर्तन और शाम से विशेष भजन संध्या का आयोजन होगा। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्म और महाआरती होगी। बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हंै और भगवान बांके विहारी की मनमोहनी छवि का दर्शन लाभ उठा रहे हैं। श्रद्धालुओं के अनुसार जो भी श्रद्धा भाव से बांधा इमलाज में विराजे राधारमण सरकार के दर्शनों को आते है उन्हें आज भी कान्हा की बंशी की धुन सुनाई देती है।
सत्यनारायण मंदिर में आकर्षक साजसज्जा
भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पावन पर्व जन्माष्टमी आज शुक्रवार धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस अवसर पर मंदिरों व घरों में जन्माष्टमी पर्व की धूम रहेगी। एक सदी से भी ज्यादा पुराने सत्यनारायण मंदिर में भी पर्व की धूम रहेगी। मंदिर समिति द्वारा यहां आकर्षक साज-सज्जा एवं झांकी तैयार कराई गई हैं। मंदिर में भगवान विष्णु, लक्ष्मी जी की दिव्य प्रतिमा, हनुमानजी की मूर्ति, तालाब में भगवान भोलेनाथ की मूर्ति स्थापित हैं। यहां पर कुआं, बावडी मंदिर का भी निर्माण है। पांचवी पीढ़ी द्वारा मंदिर संचालन किया जा रहा है। 1972 में मंदिर का जीर्णोद्वार कराकर कायाकल्प किया गया। 1952 से धार्मिक आयोजनों की परंपरा चली आ रही है। जन्माष्टमी, शरदपूर्णिमा, अन्नकूट पर भी यहां आयोजन होते हैं। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर भव्य व दिव्य जीवंत झांकियों की मनमोहक प्रस्तुति की जाएगी। यहां पर आज भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य उत्स मध्यरात्रि 12 बजे धूमधाम से मनाया जाएगा। श्री सत्यनारायण मंदिर ट्रस्ट कमेटी द्वारा भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की तैयारियां पिछले कई दिनों से की जा रही है। जानकारी के अनुसार मंदिर में श्रीकृष्ण की रासलीला, माखन चोरी, चीरहरण गोपियों के साथ भगवान श्रीकृष्ण के झूले का दृश्य, कालिया दहन, शेषनाग पर भगवान श्रीकृष्ण, नौका बिहार, गजेन्द्र मोक्ष, झूला बिहार, कृष्ण सुदामा मिलाप ब्रम्हांड दर्शन सहित बच्चों की मनमोहक झांकियों रहेंगी। इसके अलावा पहली ब्रम्हकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा नटखट कन्हैया की जीवनलीला पर आधारित चलित झांकी प्रस्तुत की जा रही है। जो कि जनाकर्षण का केन्द्र रहेगी।
दधिकांदो को लेकर भी उत्साह
जन्माष्टमी के बाद कटनी शहर के ऐतिहासिक दधिकांदो महोत्सव की तैयारियां भी जारी हैं। 6 सितंबर को नगर में उत्साह और उल्लास के साथ गोविंदाओं की टोली निकलेगी। जन्माष्टमी के धार्मिक उल्लास के बाद दधिकांदो महोत्सव शहर की पारंपरिक उत्सवी संस्कृति को और जीवंत करेगा।








