भ्रष्टाचार की नींव पर खड़ी थी टंकी: 3.85 करोड़ डकारने वाले PHE इंजीनियरों और ठेकेदार पर FIR

रीवा । नईगढ़ी के खटखरी गांव में नलजल योजना के तहत बनाई गई पानी की टंकी कुछ महीने पहले भरभराकर गिर गई थी। अब इस मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने भी जांच शुरू करते हुए ठेकेदार और PHE विभाग के इंजीनियरों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
अधूरे काम के बावजूद पूरा भुगतान
EOW की जांच में आरोप है कि नलजल योजना के तहत निर्धारित कई काम पूरे नहीं हुए थे, इसके बावजूद ठेकेदार को करीब 3 करोड़ 85 लाख रुपए का भुगतान कर दिया गया। योजना के तहत गांवों में पाइपलाइन बिछाने, हाउस होल्ड कनेक्शन, पंप हाउस, वाल्व चेंबर, मोटर पंप, बिजली फिटिंग और पानी की टंकी समेत कई निर्माण कार्य किए जाने थे। मौके के सत्यापन के दौरान कई काम अधूरे पाए जाने की बात सामने आई है।
टंकी गिरने के बाद जांच में खुली परतें
खटखरी में बनी पानी की टंकी गिरने के बाद प्रशासन और PHE विभाग की ओर से भी कार्रवाई की गई थी। अब EOW की जांच में योजना के काम और भुगतान से जुड़े दूसरे पहलुओं की जांच की गई है। बताया गया है कि ठेका मेसर्स शिवेन्द्र तिवारी को न्यूनतम निविदा दर से 4.26 फीसदी कम दर पर मिला था। इसके बाद कार्यादेश जारी किया गया। EOW के अनुसार, योजना के तहत निर्धारित काम पूरा नहीं होने के बावजूद विभाग की ओर से ठेकेदार को 3.85 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया। जांच में अधिकारियों और ठेकेदार की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
गांवों तक नल से जल पहुंचाने का था काम
योजना के तहत नईगढ़ी विकासखंड के विभिन्न गांवों में जल प्रदाय के लिए अर्थवर्क, रोड कटिंग, HDPE पाइप फिटिंग, पंप हाउस, वाल्व चेंबर, सबमर्सिबल मोटर पंप, बिजली फिटिंग, हाउस होल्ड कनेक्शन, राइजिंग मेन और पानी की टंकी स्थल पर बाउंड्रीवाल सहित अन्य कार्य किए जाने थे। EOW की जांच में इन कार्यों की वास्तविक स्थिति और किए गए भुगतान का मिलान किया गया। आरोप है कि कई काम अधूरे रहने के बावजूद भुगतान किया गया।
फिलहाल EOW ने मामले में ठेकेदार और संबंधित PHE इंजीनियरों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच आगे बढ़ा दी है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले में जिम्मेदार लोगों और वित्तीय अनियमितता की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।







