सिवनी यश भारत:-सिवनी में लगभग 3 करोड़ के हवाला राशि का बड़ा हिस्सा दबाने के मामले मे फसी एसडीओपी पूजा पांडे जेल में है।जिनकी जमानत अर्जी पर कल जिला अदालत के अपर सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में सुनवाई हुई थी लेकिन निर्णय सुरक्षित रखा गया था आज न्यायालय ने जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
न्यायालय के समक्ष एसडीओपी पूजा पांडे के अधिवक्ता असीम त्रिवेदी ने तर्क दिया था कि एक घटना में कानून विरूद्ध दो एफआइआर दर्ज की गई हैं। एक ही प्रकरण में दो प्राथमिक जांच कराकर दो अलग-अलग एफआइआर दर्ज कराई है, जो गलत व विरोधाभासी है। न्यायालय में दूसरा तर्क दिया कि यदि अभियोजन की बात मान भी ली जाए तो हवाला कारोबारी ने अपने बयान में 50 प्रतिशत राशि लेकर छोड़ने की बात कही है, ऐसे में भ्रष्टाचार का मामला बन सकता है,डकैती का अपराध कैसे बन सकता है। तीसरा तर्क दिया कि पूरा मामला संदिग्ध हैं क्योंकि यह स्वीकृत तथ्य है कि इसमें सूचना प्राप्त हुई थी कि संदिग्ध वाहन ले जाया जा रहा है। ऐसे में सीआरपीसी में पुलिस को कार्रवाई करने का अधिकार है। इसमें अनाधिकृत रूप से रोकने का प्रश्न ही नहीं उठता। एसडीओपी पूजा पांडे के अधिवक्ता असीम त्रिवेदी ने न्यायालय में यह भी तर्क दिया था कि वास्तविक हवाला व्यापारी कौन है,किसका पैसा था,कहां जा रहा था,किस प्रयोजन से जा रहा था। हो सकता है यह आतंरिक सुरक्षा में खतरा उत्पन्न करने जा रहा हो। उस मामले में जांच नहीं होना यह दर्शा रहा है कि जांच को गुमराह पूर्ण है। वहीं इस प्रकरण में अतिरिक्त राशि की तीन चार दिनों बाद नागपुर के नामी सटोरियों से जब्त होना प्रकरण को संदेहास्पद बना रहा है,यह राशि तत्काल जब्त क्यों नहीं हुई।तर्क पर अर्जी स्वीकार करने का आग्रह किया गया था।चूंकि महिला अधिकारी का बच्चा बीमार है और पुलिस की प्रारंभिक जांच पूरी हो चुकी है।
शासन की ओर से अपर सत्र न्यायालय में जमानत अर्जी के खिलाफ प्रकरण में अभियोजन विभाग के उपसंचालक ने उपस्थित होकर प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए अपना तर्क प्रस्तुत किया।हालाकि न्यायालय में हुई सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने एसडीओपी पूजा पांडे की जमानत अर्जी पर अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया गया था और आज जिला न्यायालय से जमानत याचिका खारिज हो गई है,अब अधिवक्ता हाईकोर्ट में जमानत अर्जी लगा सकते हैं।
Back to top button