निगम की सख्ती: दो मैरिज गार्डन पर लगा ताला
लाइसेंस और पंजीयन नियमों की अनदेखी पड़ी भारी, चौरसिया और दिव्यांचल मैरिज गार्डन सील

निगम की सख्ती: दो मैरिज गार्डन पर लगा ताला
लाइसेंस और पंजीयन नियमों की अनदेखी पड़ी भारी, चौरसिया और दिव्यांचल मैरिज गार्डन सील

कटनी। नगर पालिक निगम ने शहर में बिना वैधानिक अनुमति संचालित हो रहे विवाह स्थलों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मंगलवार को दो मैरिज गार्डनों को सील कर दिया। निगम की इस कार्रवाई के बाद शहर में संचालित अन्य विवाह स्थलों के संचालकों में भी हड़कंप की स्थिति है।
निगम प्रशासन ने इंदिरा गांधी वार्ड स्थित नदीपार क्षेत्र के चौरसिया मैरिज गार्डन तथा महाराणा प्रताप वार्ड के बरगवां क्षेत्र में संचालित दिव्यांचल मैरिज गार्डन को सील करते हुए उनके संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी।
जांच में सामने आईं अनियमितताएं
नगर निगम की जांच में पाया गया कि चौरसिया मैरिज गार्डन की अनुज्ञप्ति की अवधि समाप्त होने के बाद उसका नवीनीकरण नहीं कराया गया था। वहीं दिव्यांचल मैरिज गार्डन आवश्यक अनुमति और पंजीयन के बिना संचालित किया जा रहा था। यह स्थिति “मध्यप्रदेश नगर पालिका विवाह स्थल पंजीयन एवं आदर्श उपविधि-2020” के प्रावधानों का उल्लंघन पाई गई।
नोटिस के बाद भी नहीं किया पालन
नोडल अधिकारी कॉलोनी सेल अंशुमान सिंह ने बताया कि दोनों संस्थानों को पूर्व में नोटिस जारी कर नियमों के अनुसार पंजीयन एवं अनुज्ञप्ति संबंधी प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके निर्धारित समय सीमा में आवश्यक दस्तावेज और अनुमतियां प्रस्तुत नहीं की गईं, जिसके बाद निगम को सीलिंग की कार्रवाई करनी पड़ी।
अन्य मैरिज गार्डनों पर भी नजर
निगम प्रशासन का कहना है कि शहर में संचालित सभी विवाह स्थलों की जांच की जा रही है। जिन संस्थानों द्वारा नियमों का पालन नहीं किया जाएगा, उनके विरुद्ध भी इसी प्रकार की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना पंजीयन और वैधानिक अनुमति के किसी भी मैरिज गार्डन का संचालन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
नागरिकों को दी गई सलाह
नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि विवाह एवं सामाजिक आयोजनों के लिए बुकिंग करने से पहले संबंधित स्थल की वैधानिक स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें। इससे आयोजन के दौरान किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या कानूनी परेशानी से बचा जा सकेगा।
कार्रवाई के दौरान अतिक्रमण प्रभारी मानेंद्र सिंह सहित नगर निगम का अमला मौजूद रहा। निगम की इस कार्रवाई को शहर में नियमों के पालन को सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।







