उड़ीसा से चल रहे माँ-बेटे के गांजा तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश, 13 किलो माल जब्त

उड़ीसा से चल रहे माँ-बेटे के गांजा तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश, 13 किलो माल जब्त
भोपाल, यशभारत। राजधानी की क्राइम ब्रांच पुलिस ने अवैध नशा तस्करों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने माँ-बेटे द्वारा संचालित किए जा रहे एक शातिर गांजा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से 13 किलो 70 ग्राम गांजा और एक मोबाइल फोन जब्त किया है। बरामद मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत करीब 2.75 लाख रुपये बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार, गिरोह का मुख्य कर्ताधर्ता 23 वर्षीय राहुल सौदे उर्फ राहुल कुचबंदिया है, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि राहुल गांजे की ढुलाई और उसे ग्राहकों तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए नाबालिगों का इस्तेमाल कर रहा था। पुलिस ने इस मामले में दो विधि-विरुद्ध बालकों को भी अभिरक्षा में लिया है, जिनके पास से गांजे की खेप बरामद की गई है।
जेल से मां और बाहर से बेटा चला रहा था नेटवर्क
क्राइम ब्रांच की पड़ताल में सामने आया कि आरोपी राहुल की माँ पहले से ही गांजा तस्करी के एक मामले में जेल में बंद है। माँ के जेल जाने के बाद बेटे ने इस पूरे अवैध कारोबार की कमान संभाल ली और अपने नेटवर्क को आगे बढ़ाया। यह गिरोह सीधे उड़ीसा से गांजा मंगवाता था और फिर उसे भोपाल, मंडी बामोरा तथा आसपास के ग्रामीण व शहरी इलाकों में ऊंचे दामों पर सप्लाई करता था।
र्ज
मामले की जानकारी देते हुए पुलिस उपायुक्त शैलेन्द्र सिंह चोहान ने बताया कि गिरोह का मुख्य सरगना जयसिंह मंडी बामोरा फिलहाल फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज को खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उड़ीसा में उनके मुख्य सप्लायर कौन हैं और भोपाल में वे किन-किन पैडलर्स को माल बेचते थे। क्राइम ब्रांच ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और किशोर न्याय अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।







