सागर यश भारत (संभागीय ब्यूरो)/ महिला सुरक्षा और अपराधियों के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए मोतीनगर थाना पुलिस ने दुष्कर्म के एक जघन्य मामले में त्वरित कार्यवाही की है। टी आई जसवंत सिंह राजपूत की तत्परता से पुलिस ने घटना के मात्र 24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी सहित उसे संरक्षण देने और पीड़िता को धमकाने वाले दो अन्य साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
घटना के संबंध में मोती नगर थाना प्रभारी जसवंत सिंह राजपूत ने यश भारत के संभागीय ब्यूरो को बताया कि 4 जनवरी 2026 को पीड़िता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि आरोपी देवा विश्वकर्मा ने उसके घर में जबरन घुसकर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। इसके बाद आरोपी के साथी प्रकाश और रवि ने पीड़िता के घर जाकर उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी। आरोपियों के खौफ के कारण पीड़िता डरी हुई थी, लेकिन साहस जुटाकर उसने मोतीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विकाश कुमार शाहवाल एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेश कुमार सिन्हा के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई। थाना प्रभारी मोतीनगर जसवंत सिंह राजपूत के नेतृत्व में पुलिस ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और 5 जनवरी को तीनों आरोपियों को घेराबंदी कर दबोच लिया। आरोपियों ने पूछताछ में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है।
मुखबिरों की सूचना पर पुलिस ने तीनों आरोपियों—देवा विश्वकर्मा (26), प्रकाश विश्वकर्मा (28) और रवि अहिरवार (25) को घेराबंदी कर हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उन्हें माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
टी आई जसवंत सिंह राजपूत के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी आदतन अपराधी हैं। प्रकाश विश्वकर्मा के विरुद्ध पूर्व में 09 गंभीर मामले दर्ज हैं, जबकि देवा और रवि के विरुद्ध भी आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। पुलिस ने इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(2), 332(बी), 87, 115(2), 351(3) एवं 3(5) के तहत प्रकरण विवेचना में लिया है।
पुलिस की इस कार्यवाही में मोतीनगर थाना प्रभारी जसवंत राजपूत तथा उनकी टीम में शामिल उप निरीक्षक सत्यभामा मिश्रा, प्रधान आरक्षक अरूण दुबे, आरक्षक विनय कुमार, विनीत भारद्वाज और राहुल की मुख्य भूमिका रही। इस त्वरित कार्रवाई से सागर पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि महिलाओं के विरुद्ध अपराध करने वाले अपराधियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कठोरतम दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।
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